Saturday, 28 July 2012

अन्ना ने भरी सरकार के खिलाफ फिर हुंकार

शनिवार को जंतर मंतर पर बाबा रामदेव और अन्ना ने साथ मिलकर सर्कार के खिलाफ दोबारा जंग का एलान किया और भीड़ न जुटने की अटकलों को नकारते हुए कहा की इस बार वो आर-पार की लड़ाई करने के विचार से ही रविवार को अनशन पर बैठेंगे, अन्ना ने यहाँ तक भी कहा की जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जायेंगी वो नहीं हटेंगे  
                              अन्ना ने समर्थको को संबोधित करते हुए कहा की अब अगर यहाँ से जीवित लौटा तो भारत भ्रमण करूँगा,उन्होंने चुनाव लड़ने की बात से इनकार करते हुए कहा की वो आने वाले समय में जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए सच्चे और इमानदार प्रत्याशी को उतारने का समर्थन करेंगे 
                             देखने वाली बात अब यह होगी की सर्कार का इस पर क्या रवैया होता है क्या सच में इस बार अन्ना की जीत होगी या फिर से सरकार अन्ना और देश की जनता को तारका देगी 

Labels:

Thursday, 26 July 2012

बहुत उलझे हुए है अपने ही लोग

बहुत उलझे हुए है अपने ही लोग 

मुसीबत में फसे है अपने ही लोग 

 गर ऐसे ही चलता रहा इन चोरो का काफिला 
 तो तय है इक दिन उखड जायेंगे अपने ही लोग 

वक़्त है यही सही अब आगे बढ़ो दोस्तों 
वरना अब मिट जायेंगे अपने ही लोग 

ऐसे हम भी हों सकता है हों जाये शिकार
तब कुछ न कर पाएंगे अपने ही लोग 

बेदी,विश्वास,केजरीवाल,भूसन,सिशोदिया 
सभी को बचाओ मुशीबत में है अपने ही लोग

मनीष शुक्ल

Labels:

जरुरत या सिर्फ प्रचार का जरिया


 "हेरोइन" फिल्म के ट्रेलर को देख कर लगता है की फिल्म में कुछ जादा ही अडल्ट सीन हैं मगर क्या वाकई में वो फिल्म की डिमांड है या फिर प्रचार का एक नया तरीका है, "डर्टी पिक्चर" के बाद तो जैसे इस तरह का प्रचार किसी भी फिल्म के लिए आम हो गया है आने वाली ऐसी फिल्मो में "क्या सुपर कूल हैं हम" भी है जो की डबल मीनिंग बाटों और अडल्ट सीन्स से भरी हुई लग रही है 
                          तो सवाल अब यह उठता है की क्या सच में फिल्मे ऐसे प्रचार की मोहताज़ बन कर रह गयी है क्या फिल्म निर्माताओं को अपनी कहानी पर वह विश्वास नहीं रहा जिसके दम पर वो फिल्म को हिट करा सकें. आज के समय में मानो जैसे ये एक जरूरी चीज़ की तरह से देखा जा रहा है मानो इस तरह के प्रचार के बिना हम सफलता नहीं पा सकेंगे, फिलहाल देखना होगा की आने वाले समय में इस विचार धारा के साथ कितने निर्देशक सफल हो पाते है 

Labels:

Sunday, 22 July 2012

भावपूर्ण श्रधान्जली

मौका मिला तो एक बार फिर राजेश खन्ना की जिन्दगी जीना चाहूँगा -जतिन अरोरा  (राजेश खन्ना )
रोमांस हों या भावपूर्ण अभिनय कोई भी हों राजेश ने जब तक चाहा तब तक उन्हें कोई छू भी नहीं पाया बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजेश(जतिन खन्ना ) ने जब हंट टैलेंट को जीतकर हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया तो शुरुवाती दौर में ही उन्होंने दुनिया को दिखा दिया की अब तक जो कमी थी वो अब पूरी हों गयी है फिल्म कोई भी हों अभिनय कोई भी हों राजेश कभी भी पीछे नहीं हटे और हमेशा 
अपने उसूलो पे काम किया वक़्त चाहे थियटर का हों या स्कूल के समय ड्रामा का रहा हों उन्होंने हमेशा अपना बेस्ट दिया अपने मित्र रवि कपूर (जीतेन्द्र ) उनकी पहली फिल्म में ऑडीशन देने के लिये कैमरे के सामने बोलना राजेश ने ही सिखाया था। जितेन्द्र और उनकी पत्नी राजेश खन्ना को "काका" कहकर बुलाते थे उनका अंदाज़ बाबू मोशाय का हों या i hate tears का हों हमेशा लाजवाब रहा है और किशोर दा के साथ 
इतनी बनती थी जैसा पुराना कोई रिश्ता रहा हों जैसे वो मस्त बैक स्टेज गाते वैसे वो स्क्रीन पर मस्त होके अभिनय करते थे उनकी  जिन्दगी में दोस्तों का अहम् हिस्सा रहा हमेशा मस्त रहे .

क्या सोच रहे हों बाबू मोशाय जिन्दगी चार दिन की है जो लो 
ए जो आने वाला कल है न बहुत जालिम है पता नहीं आये न आये.... समझे बाबू मोशाय 
 
By Manish shukla


Labels:

Wednesday, 18 July 2012

ये पब्लिक है सब जानती है .ये पब्लिक है

बालीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना आज से  हमेशा के लिए चिर निद्रा में लीन हों गये ,भारतीय सिनेमा में काका के नाम से मशहूर जिनका का वास्तविक नाम जतिन खन्ना था लम्बे समय से बीमार चल रहे काका का आज सूर्य हमेशा के लिए अस्त हों गया काका ने फ़िल्मी करियर के शुरुवात १९६६ में २४ वर्ष की आयु में आखरी ख़त से की थी  इसके बाद राज, बहारों के सपने, औरत के रूप जैसी कई फिल्में उन्होंने कीं लेकिन उन्हें असली कामयाबी 1969 में आराधना से मिली, इसके पश्चात एक के बाद एक 14 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले सुपरस्टार का तमगा अपने नाम किया। 1971 में राजेश खन्ना ने कटी पतंग, आनन्द, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अन्दाज नामक फिल्मों से अपनी कामयाबी का परचम लहराये रखा। बाद के दिनों में दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम, हमशक्ल जैसी फिल्में भी कामयाब रहीं। 1980 के बाद राजेश खन्ना का दौर खत्म होने लगा। बाद में वे राजनीति में आये और 1991 में वे नई दिल्ली से कांग्रेस की टिकट पर संसद सदस्य चुने गये। 1994 में उन्होंने एक बार फिर खुदाई फिल्म से परदे पर वापसी की कोशिश की। आ अब लौट चलें, क्या दिल ने कहा, जाना, वफा जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया लेकिन इन फिल्मों को कोई खास सफलता नहीं मिली।
                                                    23 जून 2012 को उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी जटिल रोगों के उपचार हेतु लीलावती अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनका सघन चिकित्सा कक्ष में उपचार चला और वे वहाँ से 8 जुलाई 2012 को डिस्चार्ज हो गये। उस समय वे पूर्ण स्वस्थ हैं ऐसी रिपोर्ट दी गयी थी।14 जुलाई 2012 को उन्हें मुम्बई के लीलावती अस्पताल में पुन: भर्ती कराया गया। उनकी पत्नी डिम्पल ने मीडिया को बतलाया कि उन्हें निम्न रक्तचाप है और वे अत्यधिक कमजोरी महसूस कर रहे हैं। १८ जुलाई को भारतीय सिनेमा का यह काका हमेशा के लिए आका की गोद में सो गया |

Labels: , ,

Tuesday, 17 July 2012

क्या सच में पुरुषोत्तम हैं "श्री राम" ?

एक बार जब मैंने अपने एक सज्जन और विचारशील मित्र से पूंछा की क्या वह किसी ऐसी स्त्री को अपना सकेगा जिसका भूतकाल में किसी से प्रेम सम्बन्ध, शारीरिक सम्बन्ध के स्तर पर रहा हो, तो मेरे उस मित्र ने मुझे वह जवाब दिया जिसकी आशा मैं किसी सच्चे और विचारशील व्यक्ति से कर सकता हूँ और उसका जवाब हाँ था . मगर मैंने जब उससे यह पूंछा की भविष्य में क्या वह इस बात पर पुष्टि की मोहर लगा सकता है कि  क्या कभी वो बिगड़ते हुए प्रणय संबंधो में, आवेश में आकर अपनी उस जीवन साथी को उसके बीते हुए समय को लेकर कटु वचनों का प्रयोग तो नहीं करेगा तो ऐसी स्थिति में वह मुझे विश्वास दिलाने में सक्षम न हो सका तथा उसने इस बात को स्वीकारते हुए "श्री राम" का उदाहरण प्रस्तुत कर दिया जो कहीं न कहीं सटीक भी बैठता है 
        जिन "श्री राम" को हमने पुरषोत्तम की उपाधि दे रखी है उन्होंने स्वयं ही इस तरह का उदाहरण प्रस्तुत किया है की वह एक बार सोंचने पर जरूर मजबूर कर देता है कि  क्या वाकई में "श्री राम" पुरषोत्तम थे क्योंकि मेरे विचार में कोई पुरुष तब तक पुरुषोत्तम नहीं हो सकता जब तक वह अपनी अर्धांग्नी को न समझ सके तथा उसके सम्मान में कोई कमी छोड़े या फिर उसे किसी तरह का कोई अघात दे. राम जी ने जिस तरह सीता जी की लंका से लौटने पर अग्निपरीक्षा ले कर अपनाया तथा फिर एक धोबी के आशंकित करने पर सीता जी का परित्याग कर दिया वह सब "श्री राम"  की महान छवि से मेल खता नहीं दीखता, हालाँकि कहीं-कहीं ऐसी बातों का जिक्र भी हुआ है की सीता जी कभी लंका गयी ही नहीं तथा रावण अपने साथ "सीता माता" की परछाई मात्र ले जा सका था, परन्तु कहीं न कहीं "श्री राम" ने एक ऐसा उदाहरण तो प्रस्तुत कर दिया जो की मनुष्य के लिए हमेशा एक प्रमाण की तरह इस्तेमाल में आता रहेगा की मैं तो अपने प्रभू के पग्चिन्हों पर चल रहा हूँ 
              मेरा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुचने का नहीं है परन्तु इतिहास  में घटित इस पौराणिक घटना ने एक बात पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है की, क्या इस तरह जीवन उदाहरण प्रस्तुत करने वाले हमारे "श्री राम" सच में पुरुषोत्तम हैं 

लेखक-वैभव सिन्हा 

Labels:

Monday, 16 July 2012

सत्‍यमेव जयते' में आमिर ने लिया झूठ का सहारा

आमिर खान के शो 'सत्‍यमेव जयते' की मौलिकता पर सवाल उठने लगे हैं। शो में बतौर ऑडिएंस शामिल हुए एक शख्‍स का आरोप है कि 'सत्‍यमेव जयते' में जैसा दिखाया जाता है, वह हकीकत से दूर होता है। 'आउटलुक' मैगजीन में छपे एक लेख में दावा किया गया है कि 'सत्‍यमेव जयते' में हमेशा सत्‍य की ही जीत नहीं होती, बल्कि उसे आसानी से एडिट कर दिया जाता है।
 
मैगजीन ने इस शो में बतौर ऑडिएंस शामिल एक शख्‍स के हवाले से यह दावा किया है। सफाई कर्मचारी आंदोलन के नेता बेजवाड़ा विल्‍सन उस एपिसोड का हिस्‍सा बने थे, जिसमें जातिप्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों पर बहस हुई थी।
 
विल्‍सन ने इस एपिसोड के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट और संसद की आलोचना सहित कुछ गंभीर मसले उठाए तो उनके शब्‍दों की एडिटिंग कर दी गई। विल्‍सन ने शो से अन्‍य तरह की छेड़छाड़ की भी बात की है। विल्‍सन के मुताबिक जब आमिर खान  ने कौशल पंवार (शो में शामिल प्रतिभागी और डीयू में प्रोफेसर) का इंटरव्‍यू लिया था, उस वक्‍त वह ऑडिएंस में शामिल नहीं थे। लेकिन एपिसोड में दिखाया गया कि कौशल पंवार की बात पर विल्‍सन 'चौंक' जाते हैं। विल्‍सन के मुताबिक, वो खुद को ऑडिएंस में देखकर हैरान थे।
 
उन्होंने कहा कि कौशल के इंटरव्यू की रिकार्डिंग ऐसे स्टूडियो में हुई थी, जिसमें रिकॉर्डिंग के वक्त वहां कोई भी नहीं था। लेकिन रविवार को जब एपिसोड दिखाया गया तो लोगों को कौशल की आपबीती पर प्रतिक्रिआएं देते हुए दिखाया गया। एडिटिंग के जरिए शो में कौशल की कहानी के साथ-साथ ऑडिएंस की भावनाएं भी दिखाईं गईं। यही नहीं, जब  आमिर खान  ने कौशल के पिता का नाम पूछा तो दर्शकों ने तालियां भी बजाईं जबकि असली रिकार्डिंग के वक्त कोई वहां मौजूद नहीं था। इससे साफ जाहिर होता है कि यह सब नकली था और लोगों की भावनाएं को कौशल की कहानी के साथ जोड़ा गया था।

Labels:

Saturday, 14 July 2012

गुवाहाटी के गिद्ध

असम के गुवाहाटी में  इंसानियत भी तार - तार हो गयी जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है उन्हें तो गिद्ध ही कहा जा सकता है क्योकि गिद्ध का आपस में कोई रिश्ता नही होता है पर मिशन एक होता है -मांस नोच कर खाना १० जुलाई की रात को एक लड़की की अपने मित्रों से कहा सुनी हो गयी और वो पब से बाहर निकली इस सुनहरे मौके का फायदा  खड़े आसपास और सड़क चलते  गिद्धों ने उठाया |आधे घंटे तक उसे ३० लोग  नोचते रहे, शुक्र है वहां मौजूद रिपोर्टर ने  वहशी भीड़ से  बचाने की नाकाम कोशिश के बाद मोबाईल से विडिओ बनाकर इसे आम कर दिया है ,पब्लिक ने इस रिपोर्टर को कोसा है, पर इस विडिओ की मदद से कईयों को पकड़ा जा चूका है | विडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें http://www.youtube.com/watch?v=Ll9BYEB6_RE

Labels:

Friday, 13 July 2012

कलाम भी फेसबुक पे

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे  अब्दुल कलाम भी अब फेसबुक पर आ गये है | ८१ साल के कलाम अपने फेसबुक पेज पर देश के विकास से जुड़े अपने विचारों और विभिन्न लोगों से बातचीत के बारे में लिखेंगे | कलाम इससे पहले वीडियो शेयरिंग वेबसाईट युटयूब से भी जुड़े चुके है |वह फेसबुक पर बराबर अपडेट देते रहेंगे और देश को २०२० तक विकसित बनाने के बारे में विचारों को रखते रहेंगे | कलाम के फेसबुक पेज का नाम -'बिलियन बीट्स' भी मिशन की तरह ही खास है | यह एक तरह से उनके ई- पेपर मुहीम का ही विस्तार है | ई -पेपर मुहीम उन्होंने जुलाई २००७ में राष्ट्रपति पद हटते ही शुरू कर ली थी | बिलियन बीट्स ई -पेपर के एडिटर और कलाम के एडवाइजर वी. पोनराज के मुताबिक़ ,कलाम रोजाना www.facebook/kalambillion-beats पर अपनी बात शेयर करेंगे | अपनी पहली पोस्ट में कलाम ने ८ जुलाई को पुदुचेरी में मैडम मैडलीन ने पिछले पचास बरसों में हजारों जिन्दंगीयों  को बचाया है | जब मै उनसे मिला तो मदर टेरेसा जैसा सेवा भाव दिखाई देता है |

Labels:

Thursday, 12 July 2012

आखिरकार काल से हार गया महाबली

 दारा सिंह जिन्होंने रामायण में हनुमान का यादगार किरदार निभाकर सभी के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी, और जिन्हें सारा देश रुस्तम-ए-हिंद के नाम से भी जानता है उस महानआत्मा का आज सुबह करीब साढ़े सात बजे उनके घर पे देहांत हो गया, वे ८४ वर्ष के थे, ७ जुलाई को उन्हें दिल का दौरा पड़ने के सम्बन्ध में लीलावती बेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उनके सुधार की खबरे कभी नहीं आयीं और बुधवार को जब डॉक्टरों ने उनके न बचने की खबर को पुख्ता किया तोह उन्हें अंतिम पलों के लिए वापस घर ले आया गया  
                                   दारा सिंह का पुरा नाम दारा सिंह रंधावा था इनका जन्म १९ सितम्बर सन १९२८ को पंजाब में हुआ था, वे अपने जमाने के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे वो १९५९ में पूर्व विश्व चैम्पियन जार्जे गार्दियांको को हराकर कॉमनवेल्थ में विश्व चैम्पियन बने, फिर बाद में अमेरिका के विश्व चैम्पियन लाऊ थेज़ को हराकर फ्रीस्टाइल कुश्ती में विश्व विजेता बने 
                                  उन्हें खासा प्रसिद्धी रामायण के हनुमान के किरदार से मिली. दारा सिंह ने लगभग १४२ फिल्मो में काम किया तथा बतौर निर्देशक ५  फिल्मे और एक फिल्म में अपने लेखन की भी कला दिखाई इस महाबली की कमी को तो कोई पूरा नहीं कर सकता मगर इतिहास में सदैव उनका नाम बड़े ही आदर एवं सम्मान के साथ लिया जायेगा 

Labels:

Wednesday, 11 July 2012

ए अजनबी तेरे आने का '' शुक्रिया "

ए अजनबी तेरे आने का '' शुक्रिया "

ए अजनबी तेरे आने का'' शुक्रिया
इस रूठे हुए को मानाने का शुक्रिया |

आवारगी से नवाजा है ज़माने ने इसे
संग इसके दिल लगाने का शुक्रिया |

बहुत खामोश है जिन्दगी इसकी
संग इसके मुस्कुराने का शुक्रिया |

'मनी 'घर होते हुए भी बेघर रहा
संग इसके घर बसाने का शुक्रिया |

समझ हों के भी न समझे लोग
तेरा इसको समझ जाने का शुक्रिया |

मनीष शुक्ल

Labels:

आर. बी. ई. जल्द ही लायेगा प्लास्टिक नोट |

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया लगातार चली आ रही जली नोटों की समस्या से निपटने के लिए जल्द ही प्लास्टिक के नोट जरी करेगा, प्लास्टिक नोटों का जाली नोट बनाना बड़ी ही जटिल प्रक्रिया है इसलिए सावधानी के तहत यह फैसला लिया गया है, प्लास्टिक नोट पोलीमर का  होगा अतः यह कागज़ के नोट की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और मजबूत होगा, इसको, स्कैन, रिप्रिंट और कॉपी नहीं किया जा सकता तथा पोलीमर रीसायकिल किया जा सकता है, इसलिए पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है |
 पहली बार प्लास्टिक नोट केंद्रीय बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में १९९३ में जारी किया था जो दस ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का था मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड, पापा गुएना, रोमानिया, बरमुडा, ब्रुनेई और वियतनाम देशो में प्लास्टिक नोट का उपयोग किया जा रहा है, भारत में प्लास्टिक नोट की घोषणा सितम्बर २००९ में की गयी थी  |
प्लास्टिक नोट एक अच्छे विकल्प के रूप में सामने आया है और कही न कही इसके आने से नोटों के जालिकरण पे रोकथाम तो लगे गी ही, फिर भी प्लास्टिक नोट और भी कई दृष्टिकोणों से सुविधा जनक प्रतीत होता है  

Labels:

देश की राजधानी है सबसे ज्यादा प्रदूषित

दिल्ली जिसे हम संभावनाओ का शहर, तरक्की की सीढ़ी जैसे नामों से पुकारते हैं वही शहर  सबसे ज्यादा प्रदूषित है जी हाँ वर्ल्ड हेल्थ ओर्गेनाइजेशन द्वारा किये गए सर्वे के मुताबिक दिल्ली देश का दुसरे स्थान का आबादी वाली जगह होते हुए भी प्रदूषण के मामले में सबसे आगे है, वर्ल्ड हेल्थ ओर्गेनाइजेशन की माने तो दिल्ली में प्रदुषण पिछले दस वर्षो में चार गुना अधिक बढ़ गया है जो की चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करते हुए मानव जाती को आगाह करती है   |
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा माना जाना गलत होगा की प्रदुषण के एक मात्र जिम्मेदार वाहन और ए.सी. आदि हैं, नासा में कार्यरत डॉक्टर डे के अनुसार किसी शहर के वातावरण में अन्य जगह से आने वाली हवा और अन्य भौगोलिक परिस्थितियाँ भी जीम्मेदार होती है, तथा न्यूजीलैंड में हुए एक शोध के मुताबिक धुम्रपान भी इसके कारणों में शुमार होता है  |
जहाँ एक ओर प्रदुषण के होने के कारणों से जनता तथा सरकार अच्छी तरह परिचित है वहीँ वह इस बात की भी समझ रखती है की अगर उसे अपना आने वाला कल सुधारना है तथा आज की स्थितियों को और ज्यादा भयानक होने से बचाना है तो सरकार तथा जनता दोनों को ही इस ओर प्रयास जल्द से जल्द शुरू करने होंगे  |

Labels:

Tuesday, 10 July 2012

उम्मीद से कम सफल प्रधानमंत्री : भारत को चाहिए नयी शुरुवात

अमेरिका की टाइम मैगज़ीन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम सफल प्रधानमंत्री बताते हुए कहा है की मनमोहन ऐसे आर्थिक सुधारों पर आगे बढ़ने में हिचक रहे हैं जिनसे देश की अर्थव्यवस्था में तेज़ी आ सकती है गौरतलब है की मनमोहन भारतीय  अर्थव्यवस्था के उदारीकरण में अहम् भूमिका निभाने के लिए जाने जाते रहे है | हाल ही में ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैण्डर्ड एंड पुअर्स  ने अपनी रिपोर्ट में भी मनमोहन को सीमित क्षमताओं वाला प्रधानमन्त्री बताया था |
टाइम के एशिया एडिशन के कवर पेज पर छपी मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक है 'उम्मीद से  कम सफल : भारत को चाहिए नयी शुरुवात | अन्दर मैगज़ीन में 'मैन इन शैडो ' नाम से एक लेख में सवाल किया गया है कि क्या पीएम मनमोहन सिंह अपने काम में खरे उतरे है ? रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक बढ़ोत्तरी में सुस्ती ,भारी वित्तीय घाटा और लगातार गिरते रुपये कि चुनौतियों का सामना करने के साथ ही कांग्रेस के नेतृत्व और घोटालों से घिरी हुई है | साथ  ही सुधारों को आगे बढ़ने में कमजोरी भी दिखा रही है |  

Labels:

Saturday, 7 July 2012

Malware attack Monday might knock down Internet for millions

Enjoy the Internet this weekend because there's a chance that a malware attack Monday will keep Mac and PC users from logging into the Web.
Although the FBI shut down the operation in November, the hackers' trojan virus is still out there and it's expected to redirect all Internet traffic through malicious servers - eventually shutting down access to the Internet.
Since access to the Internet might be compromised Monday, it's a good thing to check out this DNS Changer Check-Up website before next week and see if everything is working properly. If not, there's a list of anti-virus tools to help users clean their machines.
The FBI also has a comprehensive report on the virus.

Source:Web

Labels:

एयरपोर्ट लिंक मेट्रो कल से बंद

एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो रविवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद हो जाएगी ,सुधार कार्यों का हवाला देते हुए इस मेट्रो लाइन चलाने वाली कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इस सम्बन्ध में लिखित जानकारी दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन को दे दी है ,हालाकि सूत्र बताते है की मेट्रो लाइन में दरार आने और कमाई न होना भी इस लाइन को बंद करने की वजह है | मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने  रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा शुक्रवार को पत्र भेज जाने की पुष्टि की ,उन्होंने बताया की डीएमआरसी ने रिलायंस से पूछा है की सुधार कार्य कब तक पूरा कर लिया जायेगा |दिल्ली मेट्रो ने तय तारीख मांगी है मगर देर रात कंपनी की ओर से कोई जवाब नही दिया गया था |

Labels:

Friday, 6 July 2012

बारिश ने लिखी कविता

बारिश ने लिखी कविता  
किसी खिड़की के शीशे पर 
मगर अल्फाज़ पढ़ने का 
यहाँ पर वक़्त किसके पास है 

मौसम ने सजाया है 
बड़ी मेहनत से अम्बर को 
मगर छत पर टहलने का 
यहाँ पर वक़्त किसके पास है 

बाँहों में थाम लो भले
ये बात और है
मगर दिल में उतरने का 
यहाँ पर वक़्त किसके पास है

समझ सकते हैं हम
दुनिया के सारे कायदे कानून
मगर खुद को समझने का
यहाँ पर वक़्त किसके पास है |
 
असीम त्रिवेदी
 

Labels:

दिल्ली में मानसून की दस्तक

दिल्ली में बारिश के आसार नजर आने का संकेत आज सुबह की हल्की बूंदा- बांदी से शुरू हो गया पर वहीँ मौसम विभाग की लगाई जा रही अटकलों को  इस बूंदा -बांदी सिरे  से ख़ारिज  कर दिया जहाँ मौसम विभाग का  मौसम सम्बन्धी बयान दिल्ली की बारिश के लिए बदलता नजर आया  उससे तो मौसम विभाग की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा करता है पर प्रक्रति के आगे सभी नतमस्तक होते नजर आयें है जहाँ बारिश की पहल के साथ दिल्लीवासियों ने राहत की साँस ली वही मौसम के तापमान के गिरवाट के साथ शाम को हुई जोरदार बारिश से मौसम विभाग इसे प्री - मानसून की संज्ञा न देकर कहा है की दिल्ली में मानसून देर से पंहुचा है जो जब दस्तक दे चूका है , और लगातार बारिश होने आसार है  इस बात की घोषणा कर दी है वहीँ इस बरसात के साथ दिल्ली के जन -जीवन  में जान में जान आयी है , अगर बारिश दिल्ली में मेहरबान होती है तो यह दिल्ली वालों के लिए सुखद का एहसास होगा ,पर इस बारे पे कहना उतना ही मुश्किल है |

Labels:

Thursday, 5 July 2012

उनसे कभी रिश्ता नहीं रहा

ए दिल समझा मुझे मै कैसे कह दू
मनी' उनसे कभी रिश्ता नहीं रहा

यक़ीनन वो मजबूरन भूल गए मुझे
हमारा रिश्ता कभी सस्ता नहीं रहा

उनकी झुकती नजरे गवाह है रहेगी
दिल के सिवा कोई रिश्ता नहीं रहा

मनीष शुक्ल

Labels:

Tuesday, 3 July 2012

World’s Thinnest Screen Made Using Soap Bubble

Talk about thin displays and this news can truly take the cake away. A set of researchers at the University of Tokyo developed the world's thinnest screen, using a soap bubble! This screen is different from regular screens because a soap bubble is transparent and the "micro-membrane" allows the passage of light and displays colors. Researcher, Yoichi Ochiai along with his colleagues created an ultra-thin and flexible Bidirectional Reflectance Distribution Function (BRDF). They used a mix of two colloidal liquids to make the screen. Ochiai's official blog states: "There have been several researches on dynamic BRDF display in the past. However, our work is different in several ways." 
The blog states that the researchers can control the surface, texture and the reflectance of the surface by using speakers that emit ultrasonic sound waves. It further reads: "The combination of the ultrasonic waves and ultra thin membranes results in more realistic, distinctive, and vivid imageries on the screen. This system contributes to open up a new path for display engineering with sharp imageries, transparency, BRDF and flexibility." Interestingly, one can even poke the bubble allowing for interactivity.

If their claims are anything to go by, this may give way to a new chapter for flexible displays. The soap bubble display will be visible at SIGGRAPH 2012 (The 39th International Conference and Exhibition on Computer Graphics and Interactive Techniques) which is set to be held next month.

Labels:

MacBook Pro Retina Display hits stores in India, base model starts at Rs. 1,52,900

At the Worldwide Developers Conference in San Francisco, Apple proved that post Steve Jobs, the brand still managed to have a trick up its sleeve. After announcing an upgrade to their MacBook Air and MacBook Pro line-up of notebooks, Apple wowed the world when they unveiled their next generation MacBook Pro with Retina Display. These notebooks had been available in stores in the U.S. from the date of the announcement and those looking to upgrade to this high-res notebook in India will be pleased to know that they have finally made their way on to shelves in India with the base version starting at Rs. 1,52,900.

The price may come as shocker to most. as the price of the base version in the U.S starts at $2,199, which would roughly translate to Rs. 1,22,732. The Indian price is a steep jump in comparison to the U.S pricing and though the MacBook Pro with Retina Display is flying off the shelves in the said country, it is difficult to ascertain at this point if this hot selling notebook would achieve a similar response in India. The pricing of the product in India is around Rs. 30,000 more than what it is selling at the U.S. The reason that Apple is pricing these notebooks in India such could be due to the decline in the Rupee, in comparison to the Dollar and this may be the main reason why it costs more than a lakh and a half.
For those who are in the dark regarding this notebook, this new Macbook Pro with Retina Display comes configured with a solid state drive. The notebook comes with USB 3.0 and is far thinner than its predecessors with the same screen size, with the casing measuring 0.71 inches thin. The Macbook Pro received an Ivy Bridge update, and the 2.7GHz Ive Bridge processors can be turbo boosted to 3.7 GHz. Furthermore, the device utilized NVIDIA GeForce GT 650m graphics. Coming to the main selling point of the device, the Retina Display, the screen resolution on the new Macbook Pro is 2880 x 1800 (or 220 ppi). Apple also promised at the keynote that this improved screen would have better viewing angles, reduced glare and better contrast ratios.

Other highlighted features of the new MacBook with Retina Display include 16GB of RAM, Nvidia Kepler GT 650M graphics, a quad-core 2.7GHz Core i7 processor, a maximum 768GB of storage (SSD, naturally), and a battery life that can be pushed up to seven hours and a standby time of 30 days. Apple has also added the thin MagSafe connector and a new fan. The Macbook Pro ships with OS X Lion, however, those who purchase the notebook now will be eligible for a free upgrade to OS X Mountain Lion when it becomes available.

Here is a Quick look at the highlighted specifications of the MacBook Pro with Retina Display:
  • 15.4-inch LED-backlit display with IPS technology; 2880 x 1800 resolution at 220ppi
  • 2.3GHz  or 2.6GHz quad-core Intel Core i7 processor with 6MB shared L3 cache
  • 8GB of 1600MHz DDR3L onboard memory
  • 256GB or 512GB Flash Storage
  • Intel HD Graphics 4000
  • NVIDIA GeForce GT 650M with 1GB of GDDR5 memory and automatic graphics switching
  • 720p FaceTime HD camera
  • MagSafe 2 power port
  • Two Thunderbolt ports (up to 10 Gbps)
  • Two USB 3 ports (up to 5 Gbps)
  • HDMI port
  • Headphone port
  • SDXC card slot
  • Apple Thunderbolt to Gigabit Ethernet Adapter (sold separately)
  • Apple Thunderbolt to FireWire Adapter
  • 802.11n Wi-Fi wireless networking; IEEE 802.11a/b/g compatible
  • Bluetooth 4.0 wireless technology
  • Stereo speakers
  • Dual microphones
  • Headphone port


The new MacBook Pro with Retina Display is available in two configurations which are 2.3GHz and 2.6GHz. The 2.3GHz model is available for Rs. 1,52,900 and the 2.6GHz model is up for grabs with a price in India of Rs. 1,92,900.

Labels:

Sangma's bid against Pranab fails; direct fight in Prez poll

New Delhi: Opposition nominee P A Sangma's attempts to trip UPA candidate Pranab Mukherjee's Presidential bid failed today with the Returning Officer rejecting his objections, leaving both candidates in the fray for a direct contest in the July 19 poll.
Source : PTI 

Labels: