Friday, 24 August 2012

लगातार कामयाबी को छु रहे है सलमान खान

सलमान के लगातार बेहतरीन कमाई करने वाली फिल्मो का सिलसिला जारी है और उनकी हालिया प्रदर्शित फिल्म "एक था टायगर" ने सिसिला जारी रखा हुआ है, फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही ये कयास लगाये जा रहे थे क्या ये फिल्म भी "बॉडीगार्ड" की तरह २०० करोड़ का आकड़ा पार कर पाएगी , मगर इस फिल्म ने मात्र ८ दिनों में ही १५० करोड़ का आकड़ा पार कर दिया 
                              सलमान की इस बेहतरीन उपलब्धी  को देख कर कहा जा सकता है की वे उस कामयाबी के प्रतीक की तरह इस समय बॉलीवुड में देखे जा रहे हैं जहां हर निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहता है और हाल ही में खबर आयीं है की निर्देशक "रमेश तौरानी" ने सलमान को अपनी अगली फिल्म के लिए १०० करोड़ फीस का ऑफर दिया है, मगर फिलहाल दोनों ने ही इस खबर से इनकार किया है 
                           सलमान के इस बेहतरीन उपलब्धि को देखकर कहा जा सकता है की वो दिन दूर नहीं जब वे फिल्म जगत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे 

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Tuesday, 21 August 2012

हमेशा से ही दिया हैं मुस्लिम भाइयों ने बेजोड़ योगदान

  हमेशा से ही हिन्दुस्तान ने समय-समय पर अनोखे और गुड़ी लोगो को जन्म दिया है, जिसमे हमारे मुस्लिम भाइयो का एक बड़ा योगदान रहा है चाहे वो कोई भी विशेष स्थान रहा हो उन्होंने हर जगह आगे बढ़कर खुद को बेहतरीन तरीके से साबत किया है, फिर चाहे वो जंग के मैदान में "परम वीर चक्र" पाने वाले "अब्दुल हमीद" हो या मनोरंजन की दुनिया में "महाभारत" के बेहतरीन संवाद लिखने वाले "राही मासूम राजा" या जय "हनुमान" जैसा सीरियल देने वाले "संजय खान" हों और चाहे "मोहम्मद रफ़ी" के बेहतरीन नगमे हो  
                   हमारे मुस्लिम भाइयो ने जो बहुमूल्य योगदान दिया है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है, जिन्होंने हमेशा ये साबित किया है की वो बहुत ही ज्यादा गुणों से संपन्न लोगो में से एक है जो दुनिया को बेहतरीन चीज़ें दे सकते जो शायद कोई और नहीं दे सकता, इनके योगदान को कभी नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता क्यूंकि वे इसके हक़दार हैं 

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Monday, 20 August 2012

क्या अपने ही देश में सुरक्षित नहीं हैं हम

समय के साथ ही ये सच सबके सामने आ गया की नॉर्थ-ईस्ट में हुई गन्दी शाजिश की अपवाह के पीछे कोई और नहीं बल्कि पकिस्तान था और अब दोनों देशो के बीच राजनितिक तकरार भी शुरू हो गयी है, मगर सवाल ये नहीं की हमारा भला न चाहने वाले पकिस्तान ने ऐसी हरकत क्यों करी सवाल तो ये है की क्या हमारे अपने प्रजातंत्र और व्यवस्था की बुनियाद इतनी कमजोर है की हमारी जनता को उनकी सुरक्षा का आश्वासन नहीं दिला सकती  .
 साथ ही इस बात पर भी बड़ा सवालिया निशान लगता है की आज़ादी के ६५ साल बाद भी हम अपने देश में खुद को महफूज नहीं कह सकते क्यूंकि अभी भी हम राष्ट्रवाद की ज़ंजीरो में जकड़े हुए हैं और कब तक आखिर ये राष्ट्रवाद इस देश की विकास को जकड़े रहेगा, आखिर वो कौन सा दिन होगा जब यू.पी. का आदमी महाराष्ट्र में खुद को और बिहार का आदमी आसाम में खुद को पूरी तरह सुरक्षित पायेगा.
अगर वो तारीख जल्द ही न आई की जब देश का हर नागरिक खुद को हर जगह सुरक्षित महसूस करे तो वो दिन दूर नहीं जब इस देश के और टुकड़े होने का दिन नजदीक आजायेगा .

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नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

मान लो मेरे दिल की शर्तें
नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

चांदनी से कह दो मुस्कुराना छोड़ दे ,
कह दो चाँद से न निकले आज के बाद
सिर्फ हो हर दिन अमावास की रात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

बादलों से कह दो उमड़ना छोड़ दें ,
कशमकश में वो गरजना छोड़ दे
हो हर दिन सूरज कि झुलसती हुई आग ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

फूलों से कहो ये महकना छोड़ दे ,
तारों से कहो ये चमकना छोड़ दे
बस हों हर तरफ सूनसान जज्बात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

स्वाती गुप्ता

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Sunday, 19 August 2012

प्रकृति दर्शाती है राजा की नीयत

मैंने बचपन में एक कहानी सुनी थी कि देश कि प्रकृति अपने राजा पर निर्भर करती है । ये कहानी मै आपके साथ भी सेयर करना चाहूंगी ।
एक बार राजा अकबर शिकार के लिए बाहर निकले। रास्ते में उन्हें जोरों कि प्यास लगी । वे एक खेत के पास पहुंचे । खेत गन्ने कि खेती से लहलहा रहा था । किसान इन खेतों पर न के बराबर लगान देते थे । वहां किसान आया और राजा को बिठाया वह अपने देश के राजा को शकल से न पहचानता था । राजा के प्यास के बारे में पता चलने पर वह तुरंत जाकर २ गन्नो का लोटे भर  ताजा ताजा रस ले आया । राजा ने गन्ने का रस  पिया और उसकी प्यास को राहत मिली । इस पर राजा ने गन्ने कि बहुत तारीफ़ की । जवाब में किसान  ने कहा जनाब ये सब गन्नों का नहीं मेरे राजा की नियत का कमाल है। मेरे राजा की नियत जरूर साफ़ और दयालु होगी तभी इन गन्नों के रस में भी मिठास है ।
राजा ने मन ही मन सोचा कि आज ही खेतों का लगान मै तिगुना कर दूंगा । इतना कहकर उसने किसान से फिर गन्ने का रस लाने को कहा । इस बार किसान काफी देर बाद वापस आया और वो भी लोटे में ४ गन्नों का बहुत थोडा सा रस लेकर । राजा बोला इस बार आपको इतनी देर क्यों हो गई और रस भी थोडा सा ही लाये हो ? जवाब में किसान ने कहा कि जरूर मेरे राजा की नियन बिगड़ गई होगी। तभी मेरे गन्नों से इतना कम रस निकला है । राजा के बात समझ में आ गई उसने लगान न लगाने का सकल्प किया और किशान के खेत फिर से खुशाल हो गए ।
भारत की हालत भी कुछ ऐसी ही है । इस साल देश में ५ राज्यों में सूखा घोषित कर दिया गया । देश में २५ से ३० % तक कम बारिश हुई । मेरे देश के मालिक की नियत इससे साफ़ पता चल जाती है  ।
ऐसी भ्रष्ट सरकार का असर प्रकृति क्या जन जन पर पड़ेगा ।

स्वाति गुप्ता 

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जिंदगी के अलग अलग रूप

जिन्दगी कभी अपनी ही सहेली लगती है ।
कभी सुलझा न सको ऐसी पहेली लगती है ।।

कभी न जाने वाला अँधेरा लगती है ।
कभी उजला हुआ सा नया सवेरा लगती है ।।

कभी खुशियों का ये रंग लगती है ।
कभी हारी हुई सी एक जंग लगती है ।।

कभी उजड़ी हुई सी एक रंगोली लगती है ।
कभी अपनी ही मुझको हमजोली लगती है ।।

कभी मुट्ठी में भरा हुआ आसमान लगती है ।
कभी काँटों से भरा हुआ जहां लगती है ।।

जवाब नहीं जिसका वो सवाल लगती है ।
कभी क़दमों से मिलती हुई ताल लगती है ।।

कभी अपने ऊपर लटकी तलवार लगती है ।
कभी बहती हुई नदी की धार लगती है ।।

कभी परियों की एक कहानी लगती है ।
कभी इश्वर की एक बेमानी लगती है ।।

क्या कहूँ किसका नाम है जिन्दगी है ।
मेरी मानो तो गुमनाम है जिन्दगी ।।

कभी खुसी बनकर हसाती है जिन्दगी ।
कभी दर्द बनकर रुलाती है जिनगी ।।

कभी सैलाब से पार आना है जिन्दगी ।
कभी बीच भवर ही डूब जाना है जिन्दगी ।।

संवर जाए तो खुदा की इनायत है जिन्दगी ।
बिगड़ जाए तो इंसान की शिकायत है जिन्दगी ।।

बचपन में खेला हुआ खेल है जिन्दगी ।
जवानी में बहुत बेमेल है जिन्दगी ।।

बुढ़ापे में जो बोझ लगे उसका नाम है जिन्दगी ।
ना चाहते हुए भी निभाना ऐसा काम है जिन्दगी ।।

खिलती हुई सी एक कली है जिन्दगी ।
कांटे भी साथ लेकर पली है जिन्दगी ।।

कोई जान न सके ऐसा राज है जिन्दगी ।
सब कुछ कहती एक खामोश आवाज है जिन्दगी ।।

 स्वाति गुप्ता
 

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Thursday, 16 August 2012

मनमोहन जी का भाषण या हसी की महफ़िल ?



कल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माननीय मनमोहन सिंह जी को लाल किला पर देश का न्यारा जान से प्यारा तिरंगा फैराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । भले ही उनहोंने इस पद और अपने धर्म की गरिमा को न समझा हो पर हम अपनी गरिमा को हमेशा की तरेह याद रखते हुए माननीय मनमोहन सिंह जी का नाम बड़ी ही इज्जत से ले रहें है । इस बात के लिए तो मनमोहन सिंह जी को मेरा शुक्रिया अदा करना चाहिए वरना भारत में घर घर में बैठा एक एक बच्चा उनके बारे में क्या क्या बोलता है कि वो खुद जाने या खुदा जाने ।
जब मनमोहन सिंह जी भारत के प्रधानमन्त्री बने तो लोगों के मन में ये आस थी कि ये एक अर्थशाष्त्री है । देश की आर्थिक स्थति में कुछ परिवर्तन जरूर होगा और परिवर्तन हुआ भी, वो बात अलग है कि अमीर और अमीर हो गया। गरीब और गरीब हो गया। बेचारा middle क्लास वाला वर्ग तो ना middle रहा, न गरीब, ना अमीर ।
कल लाल किले पर भाषण के दौरान मंत्री जी देश की उपलब्धियां गिनवाते नजर आये । हम अन्तरिक्ष पहुँच चुके है, ५१,००० नए स्कूल खुले हैं और फलां फलां.....................।
लोकपाल और काले धन के ऊपर उन्होंने चिंता का विषय कहकर दो लाइन में निपटारा कर दिया । मैदान में बैठे लोग जम्हाई लेते नजर आये । सोनिया गाँधी को देखकर तो ऐसा लगा मानो वो निरीक्षण में व्यस्त हो कि मैंने जैसा बताया वैसा ही बोल रहा है ना कहीं कोई गलती तो नहीं कर रहा । बच्चे जो बात बात पे ताली पीट रहे थे ऐसा लगा जैसे ताली पीटने के लिए ही किराए पर मंगवाए गए हो ।
हद तो तब हो गई जब वन्दे मातरम् और जय हिंद के नारों पर वो धवनी सुनाई दी कि सर ही पीट दिया हमने। अरे वन्दे मातरम् और जय हिंद के नारे तो जंतर मंतर और रामलीला मैदान में गूंजे थे जिन्हें सुनकर घर घर में बैठा जन जन का खून उबला।
कुल मिलाकर उम्मीद ही नहीं विश्वास है मुझे कि कि हर घर में बैठा आदमी केवल हस ही रहा होगा इस भाषण पर ।
वाह रे वाह माननीय मनमोहन सिंह जी कुछ भी कहो पर हमें गर्व नहीं होता आप पर ।

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Wednesday, 15 August 2012

वो मोहब्बत का शौक रखते है

मनी' अजीब है वो मोहब्बत का शौक रखते है
दिल अपनाने का नहीं लगाने का शौक रखते है

इश्क प्यार मोहब्बत इसका कुछ भी नहीं पता
बस दिल चीज है चीज को तोड़ने शौक रखते है

इश्क इबादत है प्यार आत्मा मोहब्बत मंजिल है
पावन है ए शब्द और वो पालने का शौक रखते है

मनी' कैसे समझाऊ उन्हें कुछ समझ नहीं आता
समझदार है सिर्फ न समझने का शौक रखते है

अजीब जिन्दगी जीते है वो अजीब शौक रखते
लोगो से मिलने का नहीं खेलने का शौक रखते है 

मनीष शुक्ल 

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क्या वाकई आज़ाद है हम ?

आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये !
बहुत ही ख़ुशी की बात है कि आज हम स्वतंत्रता दिवस की ६६वी वर्षगांठ मना रहे है ।
मै आज केवल आप लोगों को बंधाई देने के लिए नहीं आई हूँ । मेरे पास आपके लिए मेरे मन की दुविधा के कुछ मुद्दे है । कुछ सवाल जिसके जवाब का इन्तजार है मुझे ।
१५ अगस्त १९४७ को हमारा देश आजाद हुआ। पर क्या बदला स्वतंत्रता से पहले और स्वतंत्रता के बाद? स्वतंत्रता से पहले भी हमारे देश पर विदेशी लोगों का राज्य था और आज आजादी के इतने वर्ष बाद भी हमारे देश पर विदेशियों का ही राज्य है।
स्वतंत्रता से पहले भी हमारे देश पर अंग्रेजी कंपनियों का बोलबाला था और आज भी पूरे भारत में विदेशी कंपनियों का मकडजाल फैला चुका है।
तब भी जनता गरीब थी और आज भी जनता गरीब की गरीब। तब भी मेरे देश का बच्चा भूखा बिलख बिलख कर सो जाता था और आज भी हालत वही हैं।
हालत ऐसी है कि सवाल जायज हो गया है कि " क्या हम आजाद हैं?"
न जाने कितने क्रांतिकारियों ने मिलकर हमारे देश को आजाद कराया हम उनका कर्ज कभी नहीं चुका सकते।
चुकाना तो दूर हमने तो उनके बलिदानों की कीमत को भी न समझा। तभी तो हालात ये हो गए कि आज स्वतंत्रता के ६६ वर्षों के बाद ही हम ये सवाल पूछने लगे है कि " क्या हम आजाद है?" ऊपर बैठा मेरा बापू मेरा भगत सिंह, आजाद, सुखदेव, राजगुरु जरूर रोता होगा।
 हालत इतनी बिगड़ी कि हमें अब सरकार अपनी भगवान् नहीं हमारे ऊपर हुकूमत करने वाली एक विदेशी महिला नजर आने लगी  और मेरे मन ने तो सवाल भी पूछने शुरू कर दिए है कि "कहीं ये इस बार इटली देश की चाल तो नहीं भारत को अपना गुलाम बनाने की?"
और भारत अभी ठीक से अपनी आजादी के जश्न भी नहीं मना पाया था कि एक बार फिर आजादी की दूसरी लड़ाई के नाम पर रामदेव और अन्ना हजारे जैसे लोगों को उतरना पड़ा।
पर इस लड़ाई में कहीं हम सो तो नहीं रहे या सिर्फ अपने घरों में बैठे तमाशा तो नहीं देख रहे।
मुद्दे गंभीर हैं हमें लड़ना होगा, हर शहर को १३ अगस्त २०१२ के दिल्ली शहर की तरह बनना होगा, हमें आगे बढ़ना होगा।
हमारी सरकार ने तो हमें आजाद होकर भी गुलामी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।
बेशर्म , भ्रष्ट, निक्रस्त, सरकार है ये जिसके सामने कोई ४,९,१४ कितने दिन भी भूका रह ले पर इसे कोई फर्क नहीं पड़ता। और तो और ये लोग मेरे देश भक्त लोगो के अनशन की तुलना अपने रोजे से करते हैं इतना पाप करने के बाद रोजा रखके तो रोजा भी अपवित्र हो जाता होगा।
मुद्दा केवल इतना है कि हमें अपने देश को इन विदेशी देशवाशियों से बचाना है।
अब हर जन को बापू भी बनना होगा और भगत सिंह भी।
जय हिंद
जय भारत

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सबसे प्यारा वतन हमारा

सबसे प्यारा वतन हमारा
जो है सबसे न्यारा न्यारा

राम कृष्ण महापुरुषो को भी ये है सबसे प्यारा
रामायण बाईबल और कुरान का नही यहा बटवारा
गंगा यमुना सरस्वती भारत प्रतीक कहलाते
हम उस देस के रहने वाले वहा कि बात बताते
चंन्द्र्शेखर आजाद भगत सिंह ने दे दि जान यहा पर
उनको कर सत सत प्रणाम उनके दीप जलाये यहा पर

सबसे प्यारा वतन हमारा
जो है सबसे न्यारा न्यारा

बच्चो को प्यार बडो को आदर बुजुर्गो का सम्मान यहा पर
हम सब बच्चो को मिले ये सारे संस्कार यहा पर
कल्पना चावला शेवता ने अन्तरिछ मे शान बदायी है
रानी लक्ष्मी बाई चेन्न्मा देश कि खातीर अपनी जान गवाई है

ताज महल है प्रेम प्रतीक
लाल किला है वीरो का घर है
देश कि चोटी यहा हिमालय जिसका सागर पग धोता है
काश्मीर है स्वर्ग हमारा जिस पर गर्व सभी को होता है

सबसे प्यारा वतन हमारा
जो है सबसे न्यारा न्यारा

देश की संस्कृति इतनी पावन लोग दूर देश देखने आते
इतने महान है लोग यहाँ के दूजे यहाँ सिखने आते
मनी'ऐसा निर्मल ऐसा पावन है ए हमारा देश
न जाने कितना बटा हुआ फिर भी है इक देश

सबसे प्यारा वतन हमारा
जो है सबसे न्यारा न्यारा

.मनीष शुक्ला

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Friday, 10 August 2012

जय श्री कृष्ण

पग पग चलत यशोदा माँ को निहारत
पग पग चलत यशोदा माँ को निहारत
छुप छुप के वह माखन खावत
गुलेल से मटकी फोड़ गिरावत
गोपियों के संग में रास रचावत
पेड़ पे बैठ के बंशी बजावत
बंशी के गान से दुनिया लुभावत
ऐसे मधुर मधुर मुस्कावत
नन्द लाल,बाल गोपाल कहावत
बोल कन्हैया लाल की जय


By Manish Shukla

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Saturday, 4 August 2012

अन्ना विरोध क्यों : जब नहीं है कोई विकल्प |

अगर आपको दस दिन तक भूखा रहने पर भी आपकी माँ आपका मनपसंद खाना न दे तो ऐसी स्थिति में आप क्या करोगे ?अगर मै होता तो मै स्वयं ही ऐसे खाने का प्रयोजन करूँगा जो मुझे अच्छा लगता होगा |
और यही प्रयोजन अन्ना दल ने भी करने की कोशिश  की है तो आखिर अन्ना विरोध क्यों, हमारा देश संसद से ही चलता है और चलता रहेगा , और अगर संसद किसी सभ्य , ईमानदार , साफ़ सुथरी छवि वाले इंसान के आधीन होगी तो मेरे ख्याल से हमारा देश आज के समय से जादा तरक्की भी करेगा और भ्रस्टाचार मुक्त भी होगा , हम सभी जो कल तक अन्ना को आंधी कहते थे आज उनका विरोध करने में लगे हुए है केवल उनके इस निर्णय से की वो राजनीती विकल्प को चुन रहे है , पर क्या किसी ने एक पल ये सोचा है की क्या उनके पास इसके अलावा कोई और चारा है , देश के मंत्रियो पर अन्ना के अनशन का कोई प्रभाव नहीं पड़ा , सरकार उनको नजरअंदाज करती रही , क्या केवल भूखे रहकर देश को भ्रस्टाचार मुक्त बनाया जा सकता है , गंशी जी ने देश को आज़ाद कराने के लिए भी राजनीती का सहारा लिया था , शायद तब के समय और आज के समय में काफी अंतर है , उस समय का नागरिक जादा जोशीला था आज की तुलना में , आज आन्दोलन में तो भीड़ लगाने के लिए बहुत लोग आ जाते है पर जब कर्म करने का समय आता है तो पीछे हट जाते है , अगर वास्तव में देश का भला करना ही उनका १ मात्र उद्देश्य है तो क्यों वो अन्ना का विरोध कर रहे है , क्या उनके पास इसका कोई और विकल्प है , जहा तक मुझे लगता है उनका जवाब ना में ही होगा और अगर है कोई विकल्प तो उसका इस्तेमाल करे सरकार पर दबाव डालने के लिए |
मै लोगो की इस बात से बिलकुल सहमत हूँ की क्या राजनीती में आने के बाद भी क्या अन्ना की पार्टी अपनी छवि साफ़ रख पायेगी , पर मेरा ये भी मानना है की एक भ्रस्ट सरकार के हाथ में देश फिर से सौपने से अच्छा किसी इमानदार व्यक्ति पर भरोसा करा जाये ,  हाँ अगर अन्ना का राजनीती में आने का मकसद केवल वोट बाटना है तो ये देश हित में नहीं होगा , उन्हें एक मजबूत नीव रख कर ही दल का निर्माण करना होगा अन्यथा परिणाम बदतर हो सकता है , मै कभी नहीं चाहूँगा की अन्ना के इस निर्णय की वजह से हमें २०१४ में फिर से एक भ्रस्ट सरकार का सामना करना पड़े जिसके के लिए देश हित कोई मायने नहीं रखता  |

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Friday, 3 August 2012

US Cellular adds Android phones Motorola Electrify 2 and Defy XT: What Features to Expect?

In an effort to add more feathers to its Android collection, after getting the Galaxy S3 and HTC One V major wireless network operator, US Cellular has announced the launch of Motorola Electrify 2 and Defy XT.
Motorola Electrify 2 – What to Expect?
Talking about the successor of Electrify — Motorola Electrify 2 will come packed with Android 4.0 ICS, 4.3-inch display, an unnamed 1.2GHz dual-core processor and 1GB of RAM. It looks to be using the same UI as the Atrix HD, and would come with on-screen navigation buttons, which are present on the Galaxy Nexus.
Another notable feature of the handset is that its exterior is protected using Kevlar. Kevlar has high tensile strength and its presence adds extra strength to the body of the equipment. Kevlar also adds durability to the body of the device. An invisible splash guard is present in the device to protect it from accidental spills. The splash guard uses nano coating for protecting the equipment.
Further, as informed by the companby press release, Motorola Electrify 2 is the first device in US that uses SMARTACTIONS app. This app has the capability to extend the battery life to a considerable amount. The app helps its users to smartly manage routines and also suggests ways to personalize the phone.
Meanwhile, the 0.33-inch thick handset is available today online for $179.99 (approx. Rs 10,000) with a $100 mail-in rebate and a two-year contract.
Defy XT – What to Expect?
On the other hand, Defy XT is for those who are more concerned about durability than features. It has a 3.7-inch, 854 x 540 scratch-resistant display, and the whole device is water resistant and dust proof.
It is the same phone that launched on Republic Wireless recently and, most unfortunately, it runs Android 2.3 Gingerbread. If you’re interested for a purchase, the hadset will be available on August 3, however the company has shared no information regargding the pricing of the same.

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Steps To Get This Pink Eye Makeup

Eye makeup can make your eyes look more beautiful and well shaped. To define the eyes with the perfect makeup, you should always check your skin complexion, type and occasion. Pink is a feminine colour that can make you get the chic look within minutes. You can either colour your cheeks pink or apply a pink lip gloss or simply, try pink eye makeup. To get this pink eye makeup, follow these tips.
Pink eye makeup, step by step:

1. Prepare your eyes. Dab a cotton ball in toner and apply safely around your eyes. A toner makes the makeup last longer and also prevents it from smudging.
2. Pick up a base eyeshadow according to your skin colour. Apply it over your upper eyelid to form a base.
3. Take a nude shimmer eyeshadow and apply on the eye lid with a flat brush. Apply a light coat to make a shade of the cream eyeshadow.
4. With a flat shader brush, apply a pink eyeshadow on the upper eyelid. Spread the shadow on the entire upper eyelid. With a thin brush, apply the pink eyeshadow on the corner of the eyes. Take the shadow little outwards from the eyelid to form a V shape.
5. Now, take a pink eyeliner pencil or liquid. Make sure the shade of eyelinner has shimmer in it. Apply on the upper eyelid. Also draw a thin line on the lower eyelid. See that both the corner of the eyes are covered with the pink shade.
6. Use a golden shimmer below the eyebrow line. With a thin brush, carefully apply golden shimmer below the eyebrow line (from the corner of the upper eyelid till the extended v shape). Also apply on the beginning of the lower eyelid (around 3cms).
7. Take a black mascara and apply on the lower as well as upper eyelashes. Curve the upper eyelashes to make them look bigger. You can also attach fake eyelashes if you feel your lashes are not long enough.
8. Now, take a kajal or kohl. Draw a thin line on the lower eyelid. You can also use an eyeliner.
9. Draw a thin line with a black eyeliner on the upper eyelid. Extend it outwards where the pink eyeshadow is set in a v shape.
10. With an eyebrow pencil, darken the eyebrows and shape them.
You can try this pink eye makeup on an evening. If you spread the eyeshadow or create any makeup blunder, use a body lotion or a moisturizer to remove the stain from your face. Just apply little lotion or moisturizer with the fingertip and rub out with clean cotton.

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Inexpensive Ideas To Decorate Bathroom

When it comes to bathroom, people only consider decorating it with essential items such as towels, mirror, multipurpose stand and mats to name a few. A neat and clean bathroom makes every visit comfortable. However, a well decorated bathroom can explain a lot about your personal choice, cleanliness and hygiene. If you have a big spacious bathroom, you can use these cheap ideas to decorate it.
Affordable ideas to decorate your bathroom:

New towels and curtains: To make a bathroom look well decorated, put new towels and curtains. Prefer light coloured ones. Make sure the colour of curtains and towels matches with the theme of the bathroom. This makes the decor items gel with the room. You can either roll the dry towels and keep somewhere near the wash basin or hang them on the bathroom rods.
Clay/M-seal flowers: It is compulsory for a bathroom to have a mirror. Decorate your mirror with the given idea. Buy clay or m-seal from the market. Make different flowers out of the it and let it dry. Paint them with colours and then let it dry. Roll a big piece of clay and stick it on the corners of the mirror (stick on diagonally opposite corners). Spread it flat on the mirror surface and then stick the dried flowers on it. This is one of the easiest and fun filled idea to decorate the mirror in your bathroom.
Creative multipurpose stands: You can throw the old plastic or metal stand from your bathroom. Buy cheap multipurpose stands made with funny designs. For example, a stand designed with a cartoon character or animal can be a creative decor item in your bathroom. These stands are made with plastic and within your pocket. You can also go for glass multipurpose stands. Paint the glass outside and then use the all new coloured stand in your bathroom. Always pick up colours that blend with the bathroom theme.
Flower vase: A clean bathroom that smells good can make you happy. Bathrooms must smell good and not suffocated with vapours or steam. You can fill the space beside the wash basin sink by placing a flower vase. Place fresh flowers. Maintaining the flower vase can be a pain so, choose dried petals. They smell great and can be used for months. These petals can make your bathroom look great and smell good too!
Scented candles: Spread the aroma of scented candles in your bathroom. This is one of the cheap decor ideas to use in bathroom. You must have seen scented candles near a bath tub or wash basin. Sue these spaces to place scented candles. It is not just classic but a preferred idea to decorate your bathroom. Lights of candles will look good in the bathroom and aroma of these candles will be an addition to the decor!
 

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Thursday, 2 August 2012

जब सब कुछ निश्चित तो कैसा पाप कैसा पुण्य



बचपन से ही हमे अच्छे-बुरे और पाप पुण्य का पाठ घर की पाठशाला से मिलने लगता है और हम जान जाते हैं कि किन कामों को करने पर हम उस रेखा को लांघ जायेंगे जो सज्जनता को परिभाषित करती है, मगर मेरा मन उस वक़्त विचलित हो जाता है जब खुद को ज्ञानी समझने वाला हर इंसान एक तरफ तो इस बात कि वकालत करता है कि सब कुछ परमात्मा के द्वारा पहले से तय है और दूसरी तरफ पाप और पापी को घृणा कि नज़र से देख कर उस व्यक्ति को परमात्मा कि एक घ्रणित रचना बता कर धुत्कार देता है  |
                 एक तरफ तो हर बुद्धिमान यह कहता है कि सब कुछ पहले से निश्चित है और दूसरी तरफ ये कहता है कि पाप तो किसी पापी कि विचारधारा कि उपज होती है, तो क्या एक तुछ इंसान पर परमात्मा का नियंत्रण नहीं है, अगर है तो यह बात पुर्णतः सिद्ध होती है कि उस पाप में उस परमात्मा कि भी बराबर कि भागीदारी है, और अगर नियंत्रण नहीं तो यह बात सिद्ध होती है कि भगवान् का अस्तित्व नहीं है |

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Wednesday, 1 August 2012

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रक्षा बन्धन पर्व की भूमिका


भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में जन जागरण के लिये भी इस पर्व का सहारा लिया गया। श्री रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने बंग-भंग का विरोध करते समय रक्षाबन्धन त्यौहार को बंगाल निवासियों के पारस्परिक भाईचारे तथा एकता का प्रतीक बनाकर इस त्यौहार का राजनीतिक उपयोग आरम्भ किया। 1905 में उनकी प्रसिद्ध कविता "मातृभूमि वन्दना" का प्रकाशन हुआ जिसमें वे लिखते हैं-
"हे प्रभु! मेरे बंगदेश की धरती, नदियाँ, वायु, फूल - सब पावन हों;
है प्रभु! मेरे बंगदेश के,प्रत्येक भाई बहन के उर अन्तःस्थल, अविछन्न, अविभक्त एवं एक हों।"
(बांग्ला से हिन्दी अनुवाद)
सन् 1905 में लॉर्ड कर्ज़न ने बंग भंग करके वन्दे मातरम् के आन्दोलन से भड़की एक छोटी सी चिंगारी को शोलों में बदल दिया। 16 अक्तूबर 1905 को बंग भंग की नियत घोषणा के दिन रक्षा बन्धन की योजना साकार हुई और लोगबाग गंगा स्नान करके सड़कों पर यह कहते हुए उतर आये-
"सप्त कोटि लोकेर करुण क्रन्दन, सुनेना सुनिल कर्ज़न दुर्जन;
ताइ निते प्रतिशोध मनेर मतन करिल, आमि स्वजने राखी बन्धन।"

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पुणे में चार स्थानों पर धमाके


बुधवार की देर शाम महाराष्ट्र के प्रमुख नगर पुणे में हुए सिलसिलेवार चार धमाकों ने शहर की फिजा बिगाड़ दी। ये चार धमाके जंगली महाराज रोड पर बाल गंधर्व थिएटर, मैक्डोनल्ड के सामने, देना बैंक एटीएम और गरवारे चौक में लगभग 7:27 से 8.15 बजे के बीच हुए लेकिन धमाकों की तीव्रता कम होने की वजह से केवल एक व्यक्ति (दयानंद पाटिल) ही घायल हुआ है। इस बीच खबर यह भी आ रही है कि धमाका करने का शक घायल दयानंद पर ही है। 
बाल गंधर्व थिएटर में पंडाल लगा हुआ है, जहां पर ‍दिल्ली के जंतर- मंतर पर चल रही गतिविधि को वेबकास्ट के जरिए अन्ना समर्थक सुन रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार जब लोग दिल्ली की हलचल को देख और सुन रहे थे, तभी वहां खड़े दयानंद पाटिल की पास मौजूद पॉलीथिन में धमाका हुआ। इसी धमाके में पाटिल भी घायल हुआ है।
जंगली महाराज रोड़ पर पुलिस को 2 जिंदा बम मिले थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया। ऐसा माना जा रहा कि इन घटनाओं के पीछे शरारती तत्वों का हाथ है। दिल्ली में गृहमंत्री ने सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि पुणे धमाकों की जांच के लिए दिल्ली से दो टीमें भेजी जा रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुझे शाम को 6 बजे ही पुणे पर जाना था। 
इसी बीच पुणे के पुलिस कमिश्नर गुलाबराव पोल ने चार धमाकों की पुष्टि की है लेकिन उन्होंने इसे आतंकी घटना नहीं माना है। पुलिस कमिश्‍नर का कहना है कि इस ब्लास्ट में एक छोटे डेटोनेटरऔर पेंसिल सेल का इस्तेमाल किया गया है।
पुलिस का कहना था कि इन धमाकों के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है। धमाकों की गंभीरता को लेते हुए घटना स्थलों पर पुलिस के अलावा बमनिरोधी दस्ता भी पहुंच गया है और सबूत जुटाने में लगा हुआ है।

उक्त धमाके भीड़भाड़ वाले इलाकों में किए गए ताकि आम जनता को निशाना बनाया जा सके। सनद रहे कि पुणे में ही 2010 में जर्मन बेकरी के सामने हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जांच अब तक जारी है।

मंगलवार के दिन ही‍ दिल्ली में देश के नए गृहमंत्री का पदभार ग्रहण करने वाले महाराष्ट्र के सुशील कुमार शिंदे का पुणे जाने का कार्यक्रम था। ऐसा लगता है कि दहशतगर्दों ने सिलसिलेवार धमाके करके गृहमंत्री को सलामी दी है। (वेबदुनिया न्यूज)

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ग्रिड फेल की समस्या से आम इंसान परेशान


नोर्देर्ण-ईस्टर्न, नोर्देर्ण और ईस्टर्न की ग्रिड फेल होने के बाद गलतियों का ठीकरा एक दुसरे के सर फोड़ने का सिलसिला शुरू हो चूका है और केंद्रीय उर्जा मंत्री ने इस सबका दोषी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब को बताते हुए इन राज्यों की सजा का भी एलान कर दिया है. सजा के रूप में इन राज्यों को आने वाले समय में कटौती का सामना करना पड़ सकता है  
             जहां ग्रिड फैलियर की समस्या से ट्रेने,यातायात,मेट्रो और सरकारी ऑफिस जैसी जगह पर भी इसका असर देखने को मिला वही आम इंसान के दिल में बिजली की समस्या का यह भयानक रूप घर कर गया है की अगर तरह-तरह के टैक्स आदि और बिजली की बढती हुई कीमतों को चुकाने के बावजूद सरकार इस लायक नहीं की वो ऐसी समस्या से निपटने के लिए तैयार हो तो वह कब तक और कितना आश्वस्त रहे 

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