विरोधाभास सदैव नकारात्मक नहीं होता !
क्या आप जानते हैं कि शरीर की सबसे बड़ी कोशिका (अण्ड कोशिका) का मिलन जब शरीर की सबसे छोटी कोशिका (शुक्राणु कोशिका) से होता है तब जीवन का निर्माण होता है।
विरोधाभास सदैव नकारात्मक नहीं होता। कभी कभी सृजन की ओर भी कदम बढ़ाता है। जीवन के विरोधाभास को नए निर्माण का द्योतक समझिए।
Labels: Zara Hatke !


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