उनसे कभी रिश्ता नहीं रहा
ए दिल समझा मुझे मै कैसे कह दू
मनी' उनसे कभी रिश्ता नहीं रहा
यक़ीनन वो मजबूरन भूल गए मुझे
हमारा रिश्ता कभी सस्ता नहीं रहा
उनकी झुकती नजरे गवाह है रहेगी
दिल के सिवा कोई रिश्ता नहीं रहा
मनीष शुक्ल
मनी' उनसे कभी रिश्ता नहीं रहा
यक़ीनन वो मजबूरन भूल गए मुझे
हमारा रिश्ता कभी सस्ता नहीं रहा
उनकी झुकती नजरे गवाह है रहेगी
दिल के सिवा कोई रिश्ता नहीं रहा
मनीष शुक्ल
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