Saturday, 30 November 2013

Vidiyum Munn (Tamil)- Review

                                                               


Vidiyum Munn (Tamil): As the plot of this Neo Noir Thriller says: 4 Men, 3 Reasons, 2 Women and 1 Day, the narrative, having the backdrop of human trafficking brilliantly blends three reasons in the form of the stories, with some great twists and some high intellect content, having shades of films like Alfred Hitchcock's "Psycho", Sujoy Ghosh's "Kahaani" and the recent Malayalam hit "Thira" by Vineeth Srinivasan. The film's pace gets hampered because of the emotional quotient (The same with its Malayalam counterpart "Thira") and the CG work in some scenes is actually not upto the mark. The film scores because of its screenplay by the director Balaji K. Kumar which grips you quite well with a shocking climax, the cinematography by Sivakumar Vijayan which gives you a great noir touch in every frame, the music score by Girishh Gopalakrishnan and the performances by Pooja Umashankar, Vinoth Kishan, John Vijay and Malavika Manikuttan, which are brilliant and worth looking for. Overall, despite rare loopholes, Hollywood returned debut director Balaji's narration succeeds in making you grip, giving you good thrills and chills, making the film coming in the list of films like "Aaranya Kaandam" and "Onaiyum Aatukuttiyum" giving Tamil Cinema a new level. A must watch. 
My rating would be: 3.5/5.


                                                      Review By- Yash Mishra

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स्वतंत्रता-संग्राम, 1857 के विस्मृत नायक - 1 एक थे मौलाना मोहम्मद बक़ीर

                                                               


क्या आपको पता है कि भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम में शहादत सिर्फ उन वीरों की नहीं हुई थी जिन्होंने हथियारों के दम पर यह लड़ाई लड़ी थीं, कलम से आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाला एक शख्स भी शहीद हुआ था ? मौलाना मोहम्मद बक़ीर देश के पहले और शायद आखिरी पत्रकार थे, जिन्होंने 1857 में स्वाधीनता के पहले संग्राम में अपने प्राण की आहुति दी थी। मौलाना साहब अपने समय के बेहद निर्भीक पत्रकार रहे थे। वे उस दौर के लोकप्रिय 'उर्दू अखबार दिल्ली' के संपादक थे। दिल्ली और आसपास अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ जनमत तैयार करने में इस अखबार की बड़ी भूमिका रही थी। मौलाना साहब अपने अखबार में अंग्रेजों की विस्तारवादी नीति के विरुद्ध और उनके खिलाफ लड़ रहे सेनानियों के पक्ष में लगातार लिखते रहे। अंग्रेजों ने उन्हें बड़ा खतरा मानकर गिरफ्तार किया और सज़ा-ए-मौत दे दी। उन्हें तोप के मुंह पर बांध कर उडा दिया गया जिससे उनके वृद्ध शरीर के परखच्चे उड़ गए। यह दुर्भाग्य है कि आज़ादी की लड़ाई के इस शहीद पत्रकार को न कभी देश के इतिहास ने याद किया और न देश की पत्रकारिता ने। इतिहास के इस विस्मृत नायक को नमन, उनकी शहादत की एक दुर्लभ तस्वीर के साथ |

                                                    लेखक- ध्रुव गुप्ता 

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Sunday, 24 November 2013

Last Vegas (English): Review


A beautiful film on old age, friendship and love, with a brilliantly executed story. Despite the Bollywood type pace hampering melodrama in between, director John Turtletaub's film scores because of its well written screenplay by Dan Fogelman where the structure based on the lead's situation(s) to their happy ending has been well developed with some riveting moments that actually get you well into its fold. Then comes the brilliant characters, well played by the veterans Robert D Niro, Michael Doughlas, Morgan Freeman and Kevin Kline, ,the humane supporting cast, characterization, the cinematography by David Hennings who succeeds in capturing the joyous moments of the friends and Vegas and even the music score Mark Mothersbaugh that compliments the film's pace well. Great narration, great moments (some having adult content in between), which will successfully make you cry and laugh, makes this film worth watching to every person, right from the youngster to a old person,. Go and treat yourself! 
My rating would be: 4/ 5. 



Review By Yash Mishra

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भीड़ की मुस्कान


सीधी उल्टी बातें तेरी
उल्टी सीधी बातें तेरी|

तुतला  कर तू कुछ  बोली
सबने अपनी मुस्कान खोली

फिर शुरू हुई शैतानी तेरी
कभी किसी के फ़ोन को छेड़ा
कभी खोला सवालों  का ठेला

एक एक सवाल सबसे करते जाती
जवाब पाकर खुद ही खुश हो जाते

व्यस्त  ज़िंदगी ने आज फिर बचपन देखा
खामोश भीड़ ने बेपरवाह बचपन देखा

वो मुस्कान बिखरते हुई मेरे पास भी आए|
आप  टा तल लहे  हो?????
के सवाल  ने मेरी  मुस्कान और बड़ाई
कहा मैंने
में......
तुम्हे लिख रहा हूँ

जवाब पाकर कॉपी मेरी  उठायी
उलट पलट दिए सब पन्ने मेरे
पर खुद को वो ढूंढ न पाये

इतने में दूर से एक डॉट आये वो
भागी और छुप गये माँ के अंचल में

अब व्यस्त भीड़ फिर से खामोश थी

मेरी आँखें किसी के चेहरे पे
"वो मुस्कान" ढूंढ ना पाये  

©संदीप रावत 

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Friday, 22 November 2013

Thira (Malayalam): Review


What else can you expect from a great thriller like this which grips you within its every frame. Director Vineeth Srinivasan comes with a socio thriller after directing a spate of hit films (Malarvadi Arts Club/2010 and Thattathin Marayathu/ 2012), which despite few having draggy moments and extra emotional quotient, scores and successfully grips you. The film's taut screenplay by Rakesh Mantodi brilliantly builds up the suspense and makes you grip along with the beautiful cinematography by Jomon. T. John which pumps up the suspense well and adds beautiful visual touch within every frame and the music score by Shaan Rahman compliments the film's pace beautifully. Coming to the performances, Shobhana: Take A Bow, for her classy act repeating her excellence in films like "Thalapathi" and "Mitr: My Friend", debutant Dhyan Srinivasan is another great discovery of Malayalam Cinema where he successfully delivers a great performance and Deepak Parambol and the rest are good. Srinivasan's narration, despite a bit slow pace in between, makes a brilliant cinematic roller coaster ride worth of your ticket. 

My rating would be: 4/ 5.

Review By Yash MIshra

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Irandam Ulagam (Tamil) : Review


Celebrated director Selvaraghavan comes up with this high end fantasy love story which gives you a completely different film viewing experience, giving you a feel of a Hollywood fantasy film. With no more "extra value" in songs or so, the problem with the film lies in two things: Few scenes that are a bit draggy and even the slow pace with the second half. The film scores well because of it's brilliant visual effects work by which will give you a "bigger than life" feeling reminding of films like "Hobbit" and "Lord of The Rings", then comes the cinematography by Ramji who captures the best of the moments brilliantly, the music score by Harris Jayaraj which is foot tapping and even the performances by the lead Arya and Anoushka where the former repeats his excellence after films like "Raja Rani" and "Aarrambam" this year. The film 's screenplay (Selva) somewhere loses its grip in between. But overall, though you wont be able to see the simplicity of the director's earlier films like "7G Rainbow Colony" and "Mayakkam Enna", this film will indeed take you for a ride into a different world with some riveting moments, though some extra brains would be required within it's course. 
My rating would be: 3. 5/ 5. 

Review By Yash Mishra

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सस्ते दामों पर 4 जी हैंडसेट


अभी 3 जी टेक्नोलॉजी ने पूरी तरह से अपने पैर पसारे भी नहीं थे कि 4 जी टेक्नोलॉजी भी भारत में अपनी दस्तक देने को तैयार है और वो भी बहुत ही सस्ते दामों पर ।  
मोबाइल चिपसैट बनाने वाली ब्रॉडकाम ने कहा कि नवीनतम 4जी प्रौद्योगिकी पर आधारित मोबाइल फोन अगले 18 महीने में 6200 रुपये में उपलब्ध हो जाएगा । 
ब्रॉडकाम मोबाइल के वरिष्ठ निदेशक माइकल सिविएलो ने कहा, ‘अमेरिका में कंपनियां 100 डॉलर में 4जी मोबाइल खरीदना चाहती हैं | हालांकि अभी ये उपलब्ध नहीं है लेकिन इस दिशा में बढ़ रहे हैं इसके लिए 18 महीने का समय उचित होना चाहिए 
उल्लेखनीय है कि 4जी प्रौद्योगिकी, 3जी की तुलना में पांच गुना तेज है लेकिन इसका हैंडसेट काफी महंगा है.
फिलहाल भारत में इसके हैंडसेट की शुरुआती कीमत लगभग 18000 रुपये है. और अधिकतर हैंडसेट कि कीमत 40000 रूपए तक है । 

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Thursday, 21 November 2013

लव सेक्स और चॉकलेट


प्यार और चोक्लेट के बीच का सबंध बहुत ही पुराना रहा है, और अब इस सबंध में सेक्स भी जुड़ गया है। यूं तो पुरुष अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने और अपनी सेक्स परफॉर्मेंस को अच्छा करने के खूब जतन करते हैं और तरह तरह के नुस्खो का इस्तेमाल करते है,  लेकिन अब आपको अपनी सेक्स परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए एक्सट्रा एफर्ट करने की जरूरत नहीं। 

ये हम नहीं कह रहे बल्कि वंडरवूमेन में प्रकाशित एक सर्वे के मुताबिक, चॉकलेट खाने से अपनी रोमांटिक लाइफ में मधुरता आ सकती है।
इतना ही नहीं, चॉकलेटियर्स एक्टिकोआ द्वारा करवाए गए इस सर्वे में ये बात भी सामने आई कि चॉकलेट खाने के छह घंटे बाद पुरुष बेडरूम में अच्छा परफॉर्म करने लगते हैं।

अपनी इस थ्योरी को साबित करने के लिए बेल्जिम के शोधकर्ता इस शोध में पिछले सात सालों से लगे हुए हैं। इनके मुताबिक, सेक्स के लिए चॉकलेट बहुत बेहतर है क्योंकि यह नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट है।
डेली स्टार रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पाया कि चॉकलेट में पाए जाने वाला कोकोआ एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।
इस स्टडी में ये भी पाया गया कि 10 ग्राम डार्क चॉकलेट खाने से रक्तचाप पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इससे सेक्स क्षमता भी बढ़ती है और सेक्स परफॉर्मेंस का समय भी बढ़ जाता है।

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Wednesday, 20 November 2013

बकरी को मिलना चाहिए अगला “भारत रत्न”

                                       



आज मुझे ये कहावत बिल्कुल सही जान पड़ रही है कि “दिया तले ही अँधेरा होता है”, पता नहीं हम इधर-उधर क्यों भटक रहे हैं जब “भारत रत्न” की असली दावेदार हमे इतनी आसानी से मिल सकती है | बेचारी “बकरी” जो न जाने कब से मे-मे की रट लगाती रहती है उसे हम क्यों नज़रअंदाज़ कर रहे है, मेरे ख्याल से अगर वो मे-मे की इतनी रट लगा रही है तो वो इसके काबिल भी तो है आखिर उसके दूध से 36 प्रकार के रोग भी तो मरते हैं न, बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि समाज और देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाली “बकरी” के बारे मे आज कोई सोचने वाला ही नहीं है, बस कुछ घास-फूस और पत्तियों के बदले उससे सारा दूध ले लिया जाता है और उसे उसके हिस्से का सम्मान भी नहीं दिया जाता है | हाल ही मे डेंगू की बिमारी मे लोगों को जब “छटी का दूध” याद आया तो “बकरी का दूध” भी याद आ गया था |
ऐसे मौके पर जब किसी नेता, अभिनेता, फिल्मकार, वैज्ञानिक और खिलाड़ी आदि को लेकर सर्वसम्मती नहीं बन पा रही है तो मेरे विचार से “बकरी” एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं, जिन पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार, खराब प्रदर्शन, असफल प्रयोग या अश्लील प्रदर्शन का अरोप नहीं लगा है |   
बेचारी बकरी शुरुवात से ही अपने सम्मान के लिए लड़ती चली आ रही है और उसका ये विरोध भी जायज़ है कि अगर “गाय माता” है तो कम से कम उसे “बहन” का दर्ज़ा तो मिले, खैर अब बकरी कब तक मे-मे करती रहेगी, समय आ गया है जब हमे उसके लिए कुछ करना चाहिए | यही सही समय है “भारत रत्न” मिलने का सीजन चल रहा है दावेदारों की चर्चाएँ जोरो पर हैं, हमे “बकरी बहन” का नाम रेकेमेंड कर देना चाहिए |

   
                                   लेखक- वैभव सिन्हा  

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Tuesday, 19 November 2013

नया पता मतलब नयी सोंच

                                        


हमारे समाज मे विभिन्न प्रकार के लोग हैं और जाहिर है विभिन्न प्रकार के लोगों कि सोंच मे भी विभिन्नता होगी, जिसका असर उनके जीवन कि हर विचारधारा पर पड़ता है, तभी तो जहाँ कुछ लोग एक ओर सिनेमा को मात्र मनोरंजन का जरिया मानते हैं वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सिनेमा को जानकारी और जागरूकता का अभिन्न हथियार समझते हैं और इसी सोंच के साथ आगे आकार एक शिक्षाप्रद तथा संवेदनशील विषय को समाज के सामने लाने कि कोशिश “पवन के श्रीवास्तव” भी कर रहे हैं |

“पवन श्रीवास्तव” दर्शकों के सामने जल्द ही अपनी फिल्म “नया पता” को लाने वाले हैं जो कि “पलायन”(माइग्रेशन) के विषय पर आधारित है, पवन ने अपनी फिल्म के माध्यम से दिखाना चाहा है कि किस तरह रोज़ी-रोटी के कारण आम आदमी अपने जन्मभूमी और कर्मभूमि को अलग-अलग कर देता है और जब वो अपनी जन्मभूमी पर वापस लौटता है तो कितना कुछ बदल चूका होता है जिससे वो खुद को जुदा-जुदा सा महसूस करता है | जहाँ “नया पता” पलायन को एक सवाल की तरह उठाती है वही इसकी कहानी मे कही-न-कहीं इसका हल भी छुपा है जो हमे सोचने पर मजबूर भी करता है कि हमारे फैसले पलायन को लेकर कितने सही और कितने गलत होते हैं |


जितना खास इस फिल्म का विषय है उतना ही खास है इस फिल्म के बनने कि प्रक्रिया भी रही है नया पता उन कुछ चुनिंदा फिल्मो मे से एक है जो “क्राउड फंडिंग”( क्राउड फंडिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे फिल्म निर्माता लोगो से अपने स्तर पर पैसों कि मादा के लिए आग्रह करता है) द्वारा बनी हैं, फिल्म मे काम करने वाले कलाकारों ने कोई मेहेंताना नहीं लिया है और उन्हें उम्मीद है ये फिल्म लोगो तक अपनी बात जरुर पंहुचा पाएगी |

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जन्मदिन / सलिल चौधरी ( 19 नवंबर ) मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने - सपने सुरीले सपने !

                                                                                   
फिल्म संगीत के सुनहरे दौर के बेहद सुरीले और बेहतरीन संगीत निर्देशक सलिल चौधरी सिनेमा में भारतीय शास्त्रीय संगीत के ध्वजवाहकों में एक थे। लंबे समय तक इप्टा की सांस्कृतिक इकाई से जुड़े रहे सलिल दा की संगीत निर्देशक के तौर पर पहली बंगला फिल्म थी 1944 में बनी 'परिवर्तन' और पहली हिंदी फिल्म थी 1953 में बनी विमल राय की 'दो बीघा जमीन'। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं की पचास से ज्यादा फिल्मों में संगीत दिया। शंकर जयकिशन, नौशाद, एस. डी. बर्मन, कल्याणजी आनंद जी, मदन मोहन, रोशन जैसे महान संगीतकारों के समय में भी सलिल दा अपनी अलग और गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज़ करने में सफल रहे। उनकी कुछ महत्वपूर्ण हिंदी फ़िल्में थीं - जागते रहो, नौकरी, मधुमती, एक गांव की कहानी, विराज बहू, मुसाफिर, परख, माया, काबुलीवाला,, छाया, उसने कहा था, हाफ टिकट, मेरे अपने, आनंद, सारा आकाश, मृगया, सपने सुहाने, छोटी सी बात, रजनीगंधा, अनोखी रात, सबसे बड़ा सुख, अन्नदाता, प्रेम पत्र, हनीमून, चांद और सूरज, चारदीवारी, मेम दीदी, पूनम की रात और आनंद महल। सलिल दा के जन्मदिन पर हमारी भावभीनी श्रधांजलि, उनकी फिल्म ' एक गांव की कहानी ' के शैलेन्द्र के लिखे और तलत महमूद के गाए मेरे एक पसंदीदा गीत के साथ !

रात ने क्या क्या ख्वाब दिखाए 
रंग भरे सौ जाल बिछाए 
आंख खुली तो सपने टूटे 
रह गए गम के काले साएं 

हमने तो चाहा भूल ही जाएं 
वो अफ़साना क्यों दुहराएं 
दिल रह रहके याद दिलाए 

दिल में दिल का दर्द छुपाए 
चलो जहां क़िस्मत ले जाए 
दुनिया परायी लोग पराएं !


लेखक - ध्रुव गुप्ता 


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Sunday, 17 November 2013

Tarot Card Reading by Dr. Madhu Kotiya

Aries
Five of cups and The Empress
 


अतीत में लिए कुछ अपने ही फैसलों कि वजह से आप उदास महसूस कर सकते है.. दिल के मामले में घाटा हो सकता है.. चिंता करने कि कोई आवस्यकता नही हैपरिस्थितियां जल्द ही आपके अनुकूल होंगी.. आपको परिस्थिति के अनुसार मजबूत बनना होगा..सबकुछ ख़त्म नही हुआ..अपनी आँखें खुली रखे.. अभी भी बहुत कुछ अच्छा है देखने के लिए..आपके पास माँ बहन या अन्य महिलाएं भी है जो आपके मदद में तत्पर है.. आप खुद को शक्तिशाली महसूस करेंगे..बस इनका आशीर्वाद लेते रहिये चीजें आपके लिए बदलेंगी.. 
Taurus
Seven of Cups and Two of Pentacles
 

आपके कार्ड योजनाओ के विकल्प एवं वास्तविकता का कोई आधार नही दर्शा रहे हैं..ऐसी चीजें कल्पना कि देन है और कल्पना में ही रहें तो बेहतर है..इन्हे आप वास्तविक जीवन में अपनाने कि कोशिश करेंगे तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी..आपके हवाई किलों का कोई आधार नही है ये दुश्मन के पहले ही वार से ध्वस्त हो जायेंगे..यह समय आपके लिए सामान्य एवं वित्तीय परिस्थितियों में परिवर्तन का है..आप एकसाथ कई सारे योजनाओ में सलिप्त हो सकते है..ये योजना कार्य सम्बन्धी,व्यक्तिगत शौख या अन्य हो सकते है..सप्ताहांत तक आपके कार्ड परिवार एवं करियर के बीच गतिशील संतुलन दिखा रहे हैं

Gemini
Ace of Swords and Queen of Wands
 

यह सप्ताह आपके लिए करियर सप्ताह कि तरह दिख रहा है..आपको नौकरि में नए अवसरों कि प्राप्ति हो सकती है..आपको आसपास के लोगो कि हेराफेरी के प्रति सतर्क रहने कि आवश्यकता हैपीठ पीछे बातें भी होंगी..इस हफ्ते आपको जीवन के अन्य पहलुओं को छोड़कर कार्यो पर एकाग्रचित्त होने कि जरुरत है..यदि लोग आपकी ताकत देखना चाहते है तो दिखाएँ..यदि लोग आपसे निर्देश लेना चाहें तो आप अपनी बार रखने में हिचकें नहीं..मुश्किल कार्यों में लगे रहे जबतक कि आपकी जीत तय न हो जाये..
Cancer
Seven of Swords and Four of Pentacles
 

इस सप्ताह आपको अपने स्थान का ध्यान रखना होगा.. आपके आसपास के लोग आपको हानि पहुँचाकर आपका स्थान पाने कि कोशिश कर सकते है..उन मूल्यों का अनुशरण करें जो आपको वित्तीय फायदे पहुंचा सकते है..आपने दोस्ती और रिश्ते कि पकड़ को मजबूत बनाकर रखें अन्यथा ये आपके हाथ से फिसल सकते है...
Leo
Ace of Cups and  Nine of Cups
 

यह सप्ताह आपके लिए नए रिश्ते जोड़ने वाला और पुराने रिश्तों को मजबूत बनाने वाला होगा..दोस्तों के साथ समय व्यतीत करे फायदा मिलेगा..अपने दिल कि सुने तथा खुश रहने कि कोशिश करें और अपने आसपास शांत वातावरण बनाये रखें..शायद आपको अपना हमसफ़र मिल जाये या नए रिश्ते कि शुरुआत भी हो सकती है..

Virgo
Ten of Swords and Page of Pentacles
 

सप्ताह कि शुरुआत पुराने तरीके से हो सकती है..पर आपकी समस्याएं धीरे धीरे ख़त्म हो रही है..और आगे आपको नौकरी या व्यवसाय में अच्छे अवसरों कि प्राप्ति होगी..नए कार्य प्रगती पर है jisme आपको ज्यादा लगन और कड़ी मेहनत कि जरुरत है.. यदि आप जीवनसाथी कि तलाश में है तो यह सप्ताह आपके लिए शुभ समाचार ला सकता है..

Libra
 Queen of Pentacles and Wheel of Fortune
 

इस सप्ताह आपको अपने व्यवसायिक कार्यों कि वजह से यात्रा करनी पड़ सकती है..यह आपके करियर में अच्छा परिवर्तन लाएगा..यह आपकी नौकरी या किसी नए कार्य को शुरू करने से सम्बंधित हो सकता है..अपने आसपास के लोगों से सावधान रहे और उचित निर्णय से कार्य करे..नए कार्य शुरू करने के लिए यह सप्ताह आपके लिए अच्छा है..

Scorpio
Six of Swords and Seven of Pentacles
 

आपको अपने व्यय के प्रति सावधान रहना होगा..खर्च करने से पहले सोचे..अपने परिवार एवं मित्रों के प्रति नरम रहे..पैसे का अच्छा संचार है पर खर्च भी लगा रहेगा इसलिए सामंजस्य बैठाकर चलें..

Sagittarius
Queen of Swords and  The Sun
 

इस सप्ताह आपके ऊपर काफी दबाव है..अपने टीम के लोगों से मदद न मिलने कि वजह से आपको अकेले काम करना पड़ सकता है..पर आपकी कड़ी मेहनत और अच्छी सोच का परिणाम नाम और शोहरत के रूप में आपको मिलेगा इसलिए अपनी सोच सकारात्मक रखें..

Capricorn
Four of swords and Ace of Pentacles
 

आप शारीरिक एवं मानसिक रूप से खुद को अकेले महसूस कर सकते है..इस हफ्ते कि शुरुआत में आराम कि जरुरत है..अच्छे अवसर इस हफ्ते आने वाले है..यह सप्ताह नए व्यवसाय कि शुरुआत और किसी से जुड़ने के लिए बेहतर है..

Aquarius
Seven of Wands and Page of Wands
 

यह सप्ताह आपके लिए निराशाजनक हो सकता है क्योंकि आपके प्रयास मनोनुकूल परिणाम नहीं देंगे..जिन  नए कार्यो में आपने निवेश किया है उसमे कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति कि जरुरत है.. इस हफ्ते आप धीरे धीरे बढे और अपने लक्ष्य कि ओर एकाग्र रहे..

Pisces
Page of Swords and Eight of Wands
 

यदि आप कुछ करने कि योजना बना रहे थे तो यह उचित समय है उसपर अमल करने के लिए..अच्छे परिणाम के लिए सही दिशा में प्रयास जारी रखें..व्यक्तिगत ज़िन्दगी के फैसलों को रोककर रखना अच्छा होगा..

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Friday, 15 November 2013

Learn Basic Tarot reading in 2 Days

                                                                           
                                                                                  

New Delhi, 16 November, 2013: Did Tarot card reading always Fascinated you? Dr.Madhu Kotiya, invites you to learn basic tarot card reading in 2 days workshop .Through this workshop you will enter the world of tarot and mysticism and will be able to read the tarot cards for yourself and friends.

The workshop will start with brief history of Tarot followed by structure of tarot deck, how Tarot works, how to choose your own tarot deck, cleansing and charging of Tarot Cards,how tarot is useful in day to day Life, basic meanings of 78 Cards, using spreads (Basic spreads)

When: - November 23, 2013 at 11:00am & November 24, 2013 at 5:00pm

Where: 126,GF, Mandakhini Enclave near CR Park New Delhi

Contact: - 9873283331 or mail at madhu@indiatarot.com for queries and registration

Workshop fees Rs 10,500/- per head includes Literature, stationery, crystals, silk cloth to carry the Tarot Deck, refreshments & lunch. Participants should carry Rider Waite Tarot Deck (or any Rider Waite Clone Deck) easily available in Tecksons and Om bookshop.
  
 About: Dr. Madhu Kotiya
Dr.  Madhu Kotiya, a qualified IT engineer, has been into palmistry, Numerology, Vaastushastra since childhood and entered into the mystic world of Tarot in the year 1998. In the year 2002, Dr. Madhu entered Tarot Mentoring and laid the base of MShezaim Institute of Tarot and Divination. She taught many Tarot Reading aspiring students, and the number of her students has increased all over the world. She started her own network with the name of “Shezaim Delhi Tarot Network” with the aim to network all tarot seekers and experts in Delhi along with spreading knowledge and awareness about Tarot. Dr. Madhu has also scripted many Numerology and Vaastu programs on various reputed satellite channels like DD Metro, Zee, Astha to name a few. She also volunteers her reading at TFL and other  e-groups. Apart from Tarot, she is also an Energy Healer. She is a practicing Spiritual Healer and Pranic Psychotherapist, along with Reiki Healings. Her combined therapy of Tarot and Energy healing is a wonderful treatment for depression, fears, confusions in life, phobias and many other problems and health issues. Also she is an expert in past life regression reading and dream interpretation with the help of Tarot & Hypnotherapy. Her motto is to Tarot and other Occult science subjects accessible to every person who is willing to know learn and practice Tarot.

                                                         Written by- Dr. Madhu Kotiya
      For more information, log on to indiatarot.com 
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खेल खेल ही रहा तुम भगवन हो गए



देखते ही देखते ये सफ़र पूरा हो गया 

खेल खेल ही रहा Sachin Tendulkar भगवान् हो गया 


वाह ऐसा खेल खेला हम सब ना भूल पाएंगे 

तुम से ही होगा शुरू तुम पे ख़त्म पायेंगे


स्टीवा हो या ओलंगा या हो अख्तर
अब सब के सब चैन से सो पायेंगे


खेल तुमने जो भी खेला मुझको सब अच्छा लगा 

फैन है जितने तुम्हारे शायद किसी के बन न पायंगे


मनी' इतने सरल इतनी सज्जनता शायद हि अब मिल पाए

कवी - मनीष शुक्ल 'मनी' 
 स्केच - गायत्री रेड्डी

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मानसिक सुरक्षा

                                     

मानसिक सुरक्षा उतना ही प्राकृतिक कार्य है जितना की सुबह उठकर कपडे डालना, मोबाइल फ़ोन का चार्ज देखना एवं यह देखना की आपने अपना टिकेट और दिन भर के खर्च के पैसे रख लिए है, यदि आपकी यात्रा में देरी या परेशानियाँ हो  पर आपने अग्रिम तैयारी कर रखी हो तो आप खुद को असुरक्षित ना करते हुए, दुर्घटनाओं से बचते हुए तथा बिना किसी हड़बड़ी या जल्दबाजी के वहां पहुंचेंगे |
आज के भागदौड वाली ज़िन्दगी में आत्म सुरक्षा हर व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और जब यह सुरक्षा नकारात्मकता के विरूद्ध हो तो तब तो काफी आवश्यक है, नकारात्मकता की गन्दगी का हमारे बीच होना सोचने का मुख्य विषय है, लोगों के लिए यह काफी आसान है की वे अपना संतुलन बिगाड़ ले और यह सोचने लगे की उन्हें बाह्य नकारात्मक शक्तियां नियंत्रित कर रही है या वे मानसिक आघात के शिकार हैं, उदहारण स्वरुप देखे तो गुस्से की अवस्था में व्यक्ति भारी मात्रा में नकारात्मकता उत्सर्जित करते है, साथ ही जब वे आप पर गुस्सा होते है तो नकारात्मक उर्जा का संचार सीधे आपकी ओर करते हैं, कई बार एक या अधिक व्यक्ति आपके बारे में नकारात्मक सोच रखते हैं तथा शारीरिक रूप से आपके नजदीक रहते हैं तब यह आपका वातावरण प्रभावित करते हुए उसे नकारात्मक में तब्दील कर सकते हैं, ज्यादा शराब पीने वाले या नशा का सेवन करने वाले लोगो के लिए यह समस्या अति गंभीर हो सकती है, मानसिक मजबूती के आधार पर इस उर्जा का प्रभाव अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न हो सकता है |
बहुत से लोगों का ये कहना है की मानसिक सुरक्षा की कोई आवश्यकता नहीं है परन्तु यह माना जाता है की जब आप खुद को ऊँची अवस्था(खुशियों की अवस्था) में रखते हैं तो पूरे समय नकारात्मक शक्तियां आपको आकर्षित नहीं कर पाती, यह ऊँची अवस्था भी मानसिक सुरक्षा का एक हिस्सा ही है |
     मानसिक सुरक्षा के ढेर सरे तरीके हैं , यह आप पर निर्भर करता है की आप किस तरीके से सामना करना चाहते है, मानसिक सुरक्षा के कुछ बुनियादी कदम हैं रोपण तकनीक और अपनी उर्जा जड़ों का विकासजमीनी कार्यो को अपनाना एवं ध्यान लगाना अर्थात मैडिटेशन / प्रार्थना एवं दृढ ईच्छा शक्ति भी आपको सकारात्मक उर्जा के निर्माणअन्य सुरक्षा बढाने तथा मानव उर्जा प्रणाली के लिए रक्षा की परतों को जोड़ने में सहायक है, प्रार्थना के सन्दर्भ में देखे तो कोई भी प्रार्थना मजबूती के लिए इन्ही में से किसी एक विधि का प्रयोग करेगा, दृढ ईच्छा शक्ति के सन्दर्भ में ये सोचना की "मेरे इर्द-गिर्द सिर्फ प्यार का वास है", "लोग मुझे बहुत पसंद करते हैं", "मेरी उर्जा मजबूत हो रही है और निरंतर बढ़ रही है"आपकी उर्जा एवं बचाव तकनीक को विकसित करती है, जब भी किसी प्रतिज्ञा को लिखे तो ध्यान रहे की उसे वर्तमान में रखेउसे प्रथम व्यक्ति की सोच से लिखे तथा उसमे नकारात्मक तथ्य (नहीं,असंभव,नामुमकिन इत्यादी ) का प्रयोग ना करे |

                                                           लेखिका - डॉ मधू कोटिया 
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