Sunday, 22 July 2012

भावपूर्ण श्रधान्जली

मौका मिला तो एक बार फिर राजेश खन्ना की जिन्दगी जीना चाहूँगा -जतिन अरोरा  (राजेश खन्ना )
रोमांस हों या भावपूर्ण अभिनय कोई भी हों राजेश ने जब तक चाहा तब तक उन्हें कोई छू भी नहीं पाया बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजेश(जतिन खन्ना ) ने जब हंट टैलेंट को जीतकर हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया तो शुरुवाती दौर में ही उन्होंने दुनिया को दिखा दिया की अब तक जो कमी थी वो अब पूरी हों गयी है फिल्म कोई भी हों अभिनय कोई भी हों राजेश कभी भी पीछे नहीं हटे और हमेशा 
अपने उसूलो पे काम किया वक़्त चाहे थियटर का हों या स्कूल के समय ड्रामा का रहा हों उन्होंने हमेशा अपना बेस्ट दिया अपने मित्र रवि कपूर (जीतेन्द्र ) उनकी पहली फिल्म में ऑडीशन देने के लिये कैमरे के सामने बोलना राजेश ने ही सिखाया था। जितेन्द्र और उनकी पत्नी राजेश खन्ना को "काका" कहकर बुलाते थे उनका अंदाज़ बाबू मोशाय का हों या i hate tears का हों हमेशा लाजवाब रहा है और किशोर दा के साथ 
इतनी बनती थी जैसा पुराना कोई रिश्ता रहा हों जैसे वो मस्त बैक स्टेज गाते वैसे वो स्क्रीन पर मस्त होके अभिनय करते थे उनकी  जिन्दगी में दोस्तों का अहम् हिस्सा रहा हमेशा मस्त रहे .

क्या सोच रहे हों बाबू मोशाय जिन्दगी चार दिन की है जो लो 
ए जो आने वाला कल है न बहुत जालिम है पता नहीं आये न आये.... समझे बाबू मोशाय 
 
By Manish shukla


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