Wednesday, 18 July 2012

ये पब्लिक है सब जानती है .ये पब्लिक है

बालीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना आज से  हमेशा के लिए चिर निद्रा में लीन हों गये ,भारतीय सिनेमा में काका के नाम से मशहूर जिनका का वास्तविक नाम जतिन खन्ना था लम्बे समय से बीमार चल रहे काका का आज सूर्य हमेशा के लिए अस्त हों गया काका ने फ़िल्मी करियर के शुरुवात १९६६ में २४ वर्ष की आयु में आखरी ख़त से की थी  इसके बाद राज, बहारों के सपने, औरत के रूप जैसी कई फिल्में उन्होंने कीं लेकिन उन्हें असली कामयाबी 1969 में आराधना से मिली, इसके पश्चात एक के बाद एक 14 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले सुपरस्टार का तमगा अपने नाम किया। 1971 में राजेश खन्ना ने कटी पतंग, आनन्द, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अन्दाज नामक फिल्मों से अपनी कामयाबी का परचम लहराये रखा। बाद के दिनों में दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम, हमशक्ल जैसी फिल्में भी कामयाब रहीं। 1980 के बाद राजेश खन्ना का दौर खत्म होने लगा। बाद में वे राजनीति में आये और 1991 में वे नई दिल्ली से कांग्रेस की टिकट पर संसद सदस्य चुने गये। 1994 में उन्होंने एक बार फिर खुदाई फिल्म से परदे पर वापसी की कोशिश की। आ अब लौट चलें, क्या दिल ने कहा, जाना, वफा जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया लेकिन इन फिल्मों को कोई खास सफलता नहीं मिली।
                                                    23 जून 2012 को उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी जटिल रोगों के उपचार हेतु लीलावती अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनका सघन चिकित्सा कक्ष में उपचार चला और वे वहाँ से 8 जुलाई 2012 को डिस्चार्ज हो गये। उस समय वे पूर्ण स्वस्थ हैं ऐसी रिपोर्ट दी गयी थी।14 जुलाई 2012 को उन्हें मुम्बई के लीलावती अस्पताल में पुन: भर्ती कराया गया। उनकी पत्नी डिम्पल ने मीडिया को बतलाया कि उन्हें निम्न रक्तचाप है और वे अत्यधिक कमजोरी महसूस कर रहे हैं। १८ जुलाई को भारतीय सिनेमा का यह काका हमेशा के लिए आका की गोद में सो गया |

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1 Comments:

At 18 July 2012 at 21:00 , Anonymous manish kumar shukla mani said...

a tribute to Rajesh Khanna
ye bhi ek daur hai wo bhi ek daur tha

 

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