Monday, 20 August 2012

नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

मान लो मेरे दिल की शर्तें
नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

चांदनी से कह दो मुस्कुराना छोड़ दे ,
कह दो चाँद से न निकले आज के बाद
सिर्फ हो हर दिन अमावास की रात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

बादलों से कह दो उमड़ना छोड़ दें ,
कशमकश में वो गरजना छोड़ दे
हो हर दिन सूरज कि झुलसती हुई आग ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

फूलों से कहो ये महकना छोड़ दे ,
तारों से कहो ये चमकना छोड़ दे
बस हों हर तरफ सूनसान जज्बात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद

स्वाती गुप्ता

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