ऐज फैक्टर केवल हिरोइंस के लिए
बॉलिवुड के कई अजीब ट्रेंड हैं, उनमे से एक हिरोइंस की ऐज पर भी असर डालता है। फिल्मी दुनिया में समय के साथ एक तरफ मेल एक्टर की कीमत बढ़ती जाती है, वहीं फीमेल एक्टर का प्राइस कम होते चले जाते हैं। इसका उदाहरण शाहरुख खान, सलमान खान, अक्षय कुमार जैसे मेल एक्टर हैं। जिनके समय बीतने के साथ फीस और वैल्यू आसमान छूने लगी। वहीं फीमेल एक्टर की बात करें तो माधुरी दीक्षित, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर जो किसी टाइम हर डॉयरेक्टर की पहली पसंद हुआ करती थी आज गुमनाम सी हो चुकी हैं।
असल में फीमेल एक्टर्स को नकारने का सिलसिला उनकी शादी के बाद ही शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे वह पूरी तरह फिल्मी परदे से गायब हो जाती हैं। यह बात समझ से परे है कि दर्शक मेल एक्टर्स को तो शादी के बाद भी अपना लेते हैं तो फिर फीमेल एक्टर्स के साथ ही ये नाइंसाफी क्यों होती है। ऐसा नहीं है कि समय बीतने के साथ इन फीमेल एक्टर्स की एक्टिंग में कोई कमी आ जाती है। इसके बावजूद दर्शक इन्हे सिरे से नकार देते हैं। इस पूरे माजरे में किसकी कमी है यह तो पता नहीं लेकिन हमेशा से यही होता है।
असल में फीमेल एक्टर्स को नकारने का सिलसिला उनकी शादी के बाद ही शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे वह पूरी तरह फिल्मी परदे से गायब हो जाती हैं। यह बात समझ से परे है कि दर्शक मेल एक्टर्स को तो शादी के बाद भी अपना लेते हैं तो फिर फीमेल एक्टर्स के साथ ही ये नाइंसाफी क्यों होती है। ऐसा नहीं है कि समय बीतने के साथ इन फीमेल एक्टर्स की एक्टिंग में कोई कमी आ जाती है। इसके बावजूद दर्शक इन्हे सिरे से नकार देते हैं। इस पूरे माजरे में किसकी कमी है यह तो पता नहीं लेकिन हमेशा से यही होता है।
Labels: Entertainment


0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home