Tuesday, 14 January 2014

आवारा इश्क कि दास्ताँ “डेढ़ इश्किया”

                                       


“डेढ़ इश्किया” नसीरुद्दीन शाह, माधुरी दीक्षित, अरशद वारसी, हूमा कुरेशी और विजय राज के बेहतरीन अभिनय से सजी एक उम्दा फिल्म है, जो आपको धीरे-धीरे इश्क की राह पर लाकर एक ऐसी कहानी की ओर लेकर जाती है जिसका अंत भी दिल मोह लेता है |

फिल्म की कहानी की शुरुवात पुरानी इश्किया के एक लतीफे से होती है | (अरशद) बब्बन अपने (नसीरुद्दीन शाह) खालू को धुंध रहा है जो उसे एक चोरी के बाद धोखा देकर भाग गया है और उसकी तलाश तब खत्म होती है जब उसे पता चलता है कि उसका खालू फर्जी नवाब बनकर महमूदाबाद की बेगम (माधुरी दीक्षित) से शादी के लिए मुशायरे मे भाग लेने पहुच गया है, पर कहानी तब मोड़ लेती है जब बेगम की (हूमा कुरेशी) असिस्टेंट बब्बन से बेगम का अपहरण करने को कहती है और बब्बन और खालू आमने-सामने आ जाते हैं क्यूंकि खालू का बेगम के लिए “इस बार इश्क सच्चा है”, दूसरी तरफ बेगम का एक और दीवाना एम.अल.ए (विजय राज) है जिसे जब ये पता चलता है कि बेगम के अपहरण मे बब्बन और खालू का हाथ है तो वो उन दोनों के खून का प्यासा हो जाता है |

फिल्म की शुरुवात धीमी और रूमानी रहती है जो बीच-बीच मे तड़को से मनोरंजन भी करती है और मध्यांतर तक यही सिलसिला बरकरार रहता है, फिल्म का दूसरा भाग फिल्म की जान है जहाँ कहानी इतनी जल्दी-जल्दी मोड़ लेती है जो कि फिल्म को बेहद मनोरंजक और अलग भी बना देती हैं | निर्देशक अभिषेक चौबे ने फिल्म मे सभी किरदारों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया है, फिल्म एक बार जरुर दिलचस्पी के साथ देखी जा सकती है |

रेटिंग -  3.5/5
                                  
                           


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1 Comments:

At 16 January 2014 at 11:18 , Anonymous Anonymous said...

दिल का मिजाज इश्कीया

 

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