Thursday, 5 February 2015

जग की पंडिताई


शायद आज मेरी बात से समाज का एक बहुत बड़ा समुदाय सहमत नहीं होगा पर फिर भी आप सभी के कटाक्ष मैं सहने के लिए तैयार हूँ और हाथ जोड़कर उस पंडित वर्ग से विनम्र निवेदन करती  हूँ जो अपने पांडित्य के आगे किसी भी जाती को अपने से श्रेष्ठ नहीं समझते कि कृपया आप अपने घर के मंदिर से भगवान् राम और श्री कृष्ण की मूर्ती उठाकर फेंक दीजिये क्योंकि राम एक रघुवंशी थे मतलब क्षत्रिय और कृष्ण यदुवंशी। इंसान पढ़ा लिखा। बहुत उन्नति की। कोई वकील बना, कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर पर मुझे बहुत आश्चर्य होता है जब कोई इतना पढ़ा लिखा वर्ग जात पात जैसी दखियानूसी बाते करता है सच मेरा सर शर्म से झुक जाता है मुझे लगता है कि क्यों भगवान् ने इस दुनिया में  इंसानों को जन्म दे दिया। इस जग की पंडिताई ने कितनो का जीवन बर्बाद कर दिया और शायद मेरा भी।

By Swati Gupta

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