हे माँ तेरे चरणों में |
जब तक जां में जां रहेगी
भारत माता तेरी आन रहेगी
मर जाऊं चाहे मिट जाऊं
नाम वतन का कर जाऊँगा
हे माँ तेरे चरणों में
मैं कसम ये खाता हूँ
दुश्मन की गोली का
हर जख्म खा लेंगे
पर तेरे माथे पर
न कलंक कोई होगा
अपना -अपना कर्म
बस शरहद ही होगा
कवी - संजय कुमार गिरी
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