Tuesday, 14 May 2013

क्या समाज के शिक्षित और प्रतिष्ठित व्यक्ति ही दे रहे हैं अन्धविश्वास को बढ़ावा ?


प्रिय पाठकों ठगी का तो जैसे भारत में व्यापार का एक दौर ही चल पड़ा है। निर्मल बाबा, सत्य साईं नाथ, आशा राम बापू जैसे कई लोगो के कोष खुलकर इस बात का बखान कर चुके हैं। ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है स्वामी चंद्रशेखर का। इन्हें स्वामी कहना इस शब्द की अवहेलना होगी। करोडो अरबों की सम्पत्ति, सोने से लदा शरीर, सोने की सेज और सोने का सिंघासन इतने विलासी पुरुष को तो मैं धर्म के नाम पर कलंक ही कहूँगी। ये उस देश का स्वामी है जो बड़ा ही गरीब है जहाँ की लगभग आधी आबादी अपनी दो वक्त की रोटी के लिए काफी मशक्कत करती है। लेकिन मसला ज़रा गंभीर है क्योंकि ऐसे पाखंडियों के कोष भरने वाले कहीं बाहर से नहीं आते ये लोग भी हम ही हैं। पर इन लोगो को मानने वाली जनता अनपढ़, अशिक्षित हो तो कोई बात भी है, इनकी भक्ति की श्रेणी में तो भारत के महान खिलाड़ी और दिग्गजों का नाम भी शुमार है। सत्य साईं नाथ के भक्तो में क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम आया तो हाल ही के खुलासे स्वामी चंद्रशेखर के लिए अमिताभ बच्चन जी का नाम सामने आया है। 
मैं व्यक्तिगत तौर पर अमिताभ जी की बड़ी इज्जत करती हूँ। ये समाज के वरिष्ठ नागरिक है एक लेखक होने की द्रष्टि से मैं इनका बहुत सम्मान करती है मेरा ऐसा मानना है कि एक कवि और लेखक के विचार कभी आम नहीं होते वह समाज का हिती होता है। पर अगर इन जैसे समाज के आदर्श लोग ही अगर इन आडंबरों में फसे रहेंगे तो इनका अनुसरण करने वाले न जाने कितने लोग गहरे पतन की ओर बढ़ेंगे और तो और इन तथ्यों को समाज में और बढ़ावा ही मिलेगा।
खैर मुद्दा सामने आया है पर सरकार से जांच की कोई उम्मीद ही नहीं बनती पहले वो अपने मंत्रियों की ही जांच करवा ले, जैसा की मैंने बताया भारत में तो ठगी का व्यापर सा हो गया है और इस काम में सरकार भी कुछ कम नहीं है।

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