Wednesday, 10 April 2013

दर्द चुपके से सहना यूँ सीखा है उनसे

नम निगाहों में रहना यूँ सीखा है उनसे,
दर्द चुपके से सहना यूँ सीखा है उनसे।

दर्द आँसू यूँ बनकर छलक से रहे हैं
दिल थामे हैं लेकिन तड़प से रहे हैं।
मैंने गिरकर संभलना यूँ सीखा है उनसे
दर्द चुपके से सहना यूँ सीखा है उनसे।

जो कदम बढ़ रहे थे वो थम से गए हैं
हम मंजिल से पहले ही रुक से गए हैं।
दूर मंजिल को तकना यूँ सीखा है उनसे
दर्द चुपके से सहना यूँ सीखा है उनसे।

मेरे ख्वाबों की तस्वीर सच बना दो रे कोई
मेरी मोहब्बत से मुझको मिला दो रे कोई।
सब दुआओं में कहना यूँ सीखा है उनसे
दर्द चुपके से सहना यूँ सीखा है उनसे।
Written By- Swati Gupta

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