Monday, 11 March 2013

साहेब और बीवी के सामने कमजोर पड़ा गैंगस्टर

  इरफ़ान खान के “साहीब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स” से जुड़ने पर ये तो तय हो गया था कि फिल्म को एक और दमदार अभिनेता मिल गया है पर इरफ़ान खान जिस तरह के कलाकार हैं उसके अनुसार वो इस फिल्म में वो कुछ भी खास न कर पाये जिसके लिये वो जाने जाते हैं | अगर हम बात करें फिल्म के पहले भाग की जिसमे गैंगस्टर की भूमिका में “रणदीप हुडा” नज़र आये थे उन्होंने साहेब का रोल निभा रहे “जिम्मी शेरगिल” और बीवी का किरदार निभा रही “माहि गिल को” कड़ी टक्कर दी थी |
  “साहीब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स” में “इरफ़ान’ उस गैगस्टर भूमिका में हैं जिनकी साहेब ‘जिम्मी शेरगिल” से पुश्तैनी दुश्मनी है वहीँ “माहि गिल” ऐसी बीवी की भूमिका में हैं जो अपने साहेब की सारी ताकत खुद चाहती हैं पर इस शर्त पर की साहेब की जान को कोई खतरा न हो, इस कहानी कि एक और कड़ी हैं सोहा अली खान जो इस सब से बहार होने के बावजूद इन सब से जुड़ जाती हैं |
  अदाकारी के मामले में ये फिल्म पूरी तरह “जिम्मी शेरगिल” कि नज़र आयी और उनके बाद किसी ने अपने अभिनय से प्रभावित किया तो वो थे इस फिल्म से डेब्यू करने वाले प्रवेश राना ने जो फिल्म में इरफ़ान के छोटे भाई और पुलिस इंस्पेक्टर कि भूमिका में नज़र आये, फिल्म का संगीत कहानी के मुताबिक है जो कि ऐसी फिल्मो के लिये जरुरी भी होता है, बात निर्देशन और कहानी कि करे तो एक औसत कहानी को “तिग्मांशु धुलिया” ने अपने निर्देंशन के जरिये बेहतरी बनाया है जो कि उनकी खासियत भी है और कुल मिलाकर फिल्म को अच्छी फिल्मो कि श्रेणी में लाकर खड़ा किया है |

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