मेरे इंतज़ार में तेरा अक्स था
उँगलियों के बीच कुछ खाली महसूस कर, तुम्हे महसूस किया |
छुआ आपने आप को बस फिर अपनी बाहों में कैद किया
कानो को कंधे से कहते सुना ,
जान मै हूँ ..क्या तुमने बुलाया |
लम्हा वो हमारा प्यार का था ,पास कोई न था
मेरे इंतज़ार में तेरा अक्स था ,
मै कहीं भी रहूँ मेरे मुकद्दर ,
मेरी ख़ामोशी का तू ही साज़ था |
रहती थी बेहाल मेरी उम्मीद ,जब तू शामिल न था
यूँ आया तू बहार बनकर अब तेरे सिवा कोई और न था |
आँखे थक जाती हैं,
बंधन टूट जाता है .
साँसे रुक जाती है ,
एक ख्याल से, ये मोहब्बत के सामने उसका महबूब ना था
जान ! महसूस करो, यह ज़ज्बात बेजान जिंदगी का ..एक ही साहिल था |
थाम लो इस डोर को ,
सिमटने में तूझमे मेरा “मै” भी शामिल था |
By - Aackruti Nagpal (Actress Model)
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