Wednesday, 13 February 2013

मेरे इंतज़ार में तेरा अक्स था



उँगलियों के बीच कुछ खाली महसूस कर, तुम्हे महसूस किया |
छुआ आपने आप को बस फिर अपनी बाहों में कैद किया 
कानो को कंधे से कहते सुना ,
जान मै हूँ ..क्या तुमने बुलाया |

लम्हा वो हमारा प्यार का था ,पास कोई न था 
मेरे इंतज़ार में तेरा अक्स था ,
मै कहीं भी रहूँ मेरे मुकद्दर ,
मेरी ख़ामोशी का तू ही साज़ था |
रहती थी बेहाल मेरी उम्मीद ,जब तू शामिल न था 
यूँ आया तू बहार बनकर अब तेरे सिवा कोई और न था |

आँखे थक जाती हैं,
बंधन टूट जाता है .
साँसे रुक जाती है ,
एक ख्याल से, ये मोहब्बत के सामने उसका महबूब ना था

जान ! महसूस करो, यह ज़ज्बात बेजान जिंदगी का ..एक ही साहिल था |
थाम लो इस डोर को ,
सिमटने में तूझमे मेरा “मै” भी शामिल था |


By - Aackruti Nagpal (Actress Model)

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