Monday, 25 February 2013

आखिर तुम ही बताओ "मै तुमसे प्यार क्यों करूँ ?"


मै तेरा ऐतबार क्यों करूँ, तेरा दीदार क्यों करूँ?
तुम मेरी सारी हसरतों का खून करते हो,
तो बताओ "मै तुमसे प्यार क्यों करूँ ?"

तू साथ छोड़ देगा मेरा, दुनियादारी के खौफ से,
तू ही बता, मै तेरा इन्तजार क्यों करू ?

मेरे दिल का ये खौफ,बस तू ही मिटा सकता है,
पर तू आएगा इस बात पर विश्वास क्यों करूँ ?

दिल कहता है हर पल, तेरी हर याद के बाद
कि इन लम्हों को यूँ तुझ पर, बर्बाद क्यों करूँ?

दिल तो बच्चा है जी, कुछ भी कहता है जी,
इस नादां दिल की बात का ऐतबार क्यों करूँ?

आखिर तुम ही बताओ "मै तुमसे प्यार क्यों करूँ ?"

Written By- Swati Gupta

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1 Comments:

At 27 February 2013 at 23:48 , Anonymous shashank mishra said...

Pyar vyar kuch ni hota h:)sab bekar ki bate hoti h.

 

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