वो खुदा तू खुद भी हैरान होगा शायद।
ऐ खुदा तू खुद भी हैरान होगा शायद।
कि तेरी बनाई दुनिया में ये क्या हो रहा है?
ये जमीं खामोश है और आसमां रो रहा है,
तेरा बनाया हुआ प्यार बदनाम हो रहा है।
वो सिसक-सिसककर दम तोड़ रहा है किसी की आगोश में,
जो तेरी छाँव में पला था, वो जलकर राख हो रहा है।
तू देखता ही रह ऊपर बैठकर तमाशा,
कि किस कदर तेरे प्रेम का अपमान हो रहा है।
सब मिशालें, सब परिभाषाएं प्रेम की ख़ाक हैं मेरे सामने,
कोई पवित्रता नहीं इसमें, ये नापाक हो रहा है।
दिल का हर टुकड़ा अब, जख्म देता है इस रूह को,
क्यों बनाया है तूने दिल, हर दिल में सवाल हो रहा है।
Written By- Swati Gupta
कि तेरी बनाई दुनिया में ये क्या हो रहा है?
ये जमीं खामोश है और आसमां रो रहा है,
तेरा बनाया हुआ प्यार बदनाम हो रहा है।
वो सिसक-सिसककर दम तोड़ रहा है किसी की आगोश में,
जो तेरी छाँव में पला था, वो जलकर राख हो रहा है।
तू देखता ही रह ऊपर बैठकर तमाशा,
कि किस कदर तेरे प्रेम का अपमान हो रहा है।
सब मिशालें, सब परिभाषाएं प्रेम की ख़ाक हैं मेरे सामने,
कोई पवित्रता नहीं इसमें, ये नापाक हो रहा है।
दिल का हर टुकड़ा अब, जख्म देता है इस रूह को,
क्यों बनाया है तूने दिल, हर दिल में सवाल हो रहा है।
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