Friday, 22 February 2013

हिन्दू होने पर नहीं इंसान होने पर करो गर्व



आजकल फेसबुक पर हिन्दुओं की खोज चल रही है? इसके लिए हिन्दुओं को ललकार कर या कहें कि जोर देकर कहा जा रहा है, अगर आप हिन्दू हैं तो इस फोटो को लाइक करें. जिस पर लिखा रहता है, हमे हिन्दू होने पर गर्व है. देखते हैं कि फेसबुक पर कितने हिन्दू हैं. ये सब देखकर ऐसा लगता है, लाइक कर दो, नहीं तो हम हिन्दू नहीं रहेंगे. समझ नहीं आ रहा ये अभियान क्यों चलाया जा रहा है है? क्या इसे लाइक करके ही हिन्दू होने की पुष्टि होगी? क्या ये डर तो नहीं सता रहा कि कहीं हिन्दू फेसबुक पर अल्पसंख्यक न हो जाएँ? समझ नहीं आ रहा ये फेसबुक पर गोलबंदी क्यों चल रही है? दिमाग इतना खुराफाती है कि ये आर के डबल एस की थ्योरी लग रही है? चुनावी साजिश की भी बू आ रही है. कहीं ये गोलबंदी मोती के लिए तो नहीं की जा रही. खैर जो भी हो मेरे देखे जाने तक करीब ३ हज़ार ने ही हिन्दू होने की पुष्टि की थी. यानि कुछ लोगों के लिए ये अभी हिन्दुओं का छोटा सा समूह जो हिंदुत्व की बात करता है, और वो इस समूह को और बड़ा करना चाहते हैं. 
जहां तक गर्व की बात है? तो पहले हम इंसान होने पर क्यों न गर्व करें? धर्म पर ही पहले क्यों गर्व किया जाए. क्यों गर्व करूँ ? मै भी हिन्दू घर में ही पैदा हुआ हूँ, क्या इसीलिए गर्व करूँ? क्या इसीलिए चिल्लाऊ कि मुझे हिन्दू होने पर गर्व है. मुझे तो गर्व से ज्यादा यहाँ के जातिवाद और महिलाओं की स्थिति, धर्म के नाम पर औंर किलिंग और कु-प्रथाओं को को देखते हुए शर्म भी बहुत आती है, तो क्या लिखूं? मुझे हिन्दू होने पर शर्म है?

लेखक - आशीष तिवारी 

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