क्या बेकार का है ये बॉलीवुड ?
हाल ही में कुछ समय पहले एक खबर आई थी कि ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले पहलवान “सुशील कुमार” ने एक नशीले उत्पाद का विज्ञापन करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया था क्यूंकि वो चाहते थे कि युवा पीढ़ी पर इस बात का किसी भी तरीके का दुष्प्रभाव न पड़े जबकि इस विज्ञापन के लिये सुशील को भारी रकम भी मिल रही थी |
बहुत समय पहले हुए एक सर्वे में ये बात सामने आई थी कि अगर बॉलीवुड स्टार्स किसी चीज़ के लिये युवाओं को करने के लिये प्रेरित करें तो वो उसे आसानी से मानते हैं उदाहरण के तौर पर हेलमेट पहनकर सवारी करना, सिगरेट पीने कि आदत को छोड़ना आदि, मगर ये तो आम है की अभिनेता और अभिनेत्रियां आज के समय में अपनी फिल्मो को लाइमलाइट में लाने और फेम पाने के चलते न जाने किस-किस तरह के आपत्तिजनक दृश्यों को करने में कोई भी हिचकिचाहट नहीं करते है जिसे आज का युवा अपने जीवन में उतारने का प्रयास करता है और वहीँ से कहीं न कहीं अपराध के एक हिस्से का भी जन्म हो जाता है |
बात सिर्फ इतनी सी है की अगर बॉलीवुड के गलियारों में वाकई में इस तरह के कुकृत्यों के लिये संवेदनशीलता है तो वो आगे आकार अश्लीलता का विरोध करें न की किसी भी तरह की अश्लीलता का सहारा लेकर अपना और खुद से जुड़ी किसी भी चीज़ बाजारीकरण करें, शायद अगर वो आगे आकार इस दिशा में कोई कदम उठाते हैं तो संभव है कि आज की युवा पीढ़ी इस बात को समझने का प्रयास करेगी और साथ ही समाज में व्याप्त बुराई को भी एक नयी सीख मिलेगी |
Labels: Entertainment


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