Saturday, 5 January 2013

आन्दोलनो की सीमा रेखा का विस्तार



रामलीला मैदान से होकर जंतर -मंतर को जाने वाले आन्दोलनो की सीमा रेखा का विस्तार करते हुए बिना किसी लीडरशीप के वो तमाम लोगो ने जागरूकता दिखाई है जो अन्ना आन्दोलन में या फिर उन तमाम आन्दोलनो  में हिस्सा लेने से हिचकिचाते पाए गये ,जन भावनाओ से जुडा हुआ दामिनी (काल्पनिक नाम ) रेप काण्ड ने लोगों के  पैरों में पड़ी बेड़ियों को तोड़ दिया और अहिंसात्मक रूप से न्याय की मांग को लेकर विशाल जन समूह इण्डिया  गेट की ओर  बढ़ा अत्यधिक विशाल जन समूह की कदम चाल रुकी नही वह विजय चौक जा पंहुचा  ,तभी भारतीय सरकार के संज्ञान में बात आई की जन समहू न्याय की मांग और महिला सुरक्षा के नारे लागते हुए राष्ट्रपति भवन की  ओर बढ़ रहा तभी सरकार ने आनन -फानन अपने  अधिकार क्षेत्र की दिल्ली पुलिस को आदेशित करते हुए जन समूह का दमन करने का  फैसला बिना विचार- विमर्श के पारित कर दिया |  दिल्ली पुलिस ने  बर्बरता के साथ बूढों ,बच्चों और महिलाओं  पर लाठी चार्ज किया ,ठण्ड के मौसम में वाटर कैनन का प्रोयग और   एक्सपायर आंसू गैस के गोलों का प्रयोग कर हिंसात्मक रूप से इस आन्दोलन का दमन करने का प्रयास किया | आक्रोशित भीड़ धैर्य का परिचय देते हुए जंतर -मंतर के सीमित दायरे में रह कर धारा १४४ का अनुपालन किया ,पर जन समूह का मनोबल दिन पर दिन बढ़ता ही गया और जंतर -मंतर के सीमित दायरे  में असीमित भीड़ का जमावड़ा न्यूनतम तापमान  ४ डिग्री सेल्सियस में  भी  बरकरार रहा |
           १६ दिसंबर २०१२  दिन  रविवार २३ वर्षीय महिला जो फिजियोथेरेपी इंटर्न थी ,वह अपने पुरुष मित्र के साथ फिल्म देखकर साकेत से वापस आ रही थी ,दोनों ने मुनेरिका से द्वारका जाने के लिए चार्टडेड बस में सवार हुए जिसमे पहले से ६ लोग मौजूद थे ,बस का  चालक नार्मल रूट से हटकर  दुसरे रूट से ले जा रहा था ,जिसका दोनों ने विरोध किया पर बस चालक ने बातों ही बातों में टाल दिया ,बस में सवार सभी ६ लोगों ने दोनों पर फब्तियां कसने लगे  जिसका  विरोध दोनों किया ,उसके बाद बस पर  सवार  सभी लड़की से छेड़खानी करने लगे जिसका विरोध पुरुष मित्र ने पुरजोर रूप से किया ,विरोध करने के एवज में उस पुरुष साथी को बस में सवार सभी लोगों ने बड़ी ही निर्दयता से पीटा ,फिर लड़की को बस के पीछे सीट पे ले जाकर हवस के वहशीयपनो ने सारी हद पार कर दी ,फिर एक सुनसान क्षेत्र को देखकर वहशी दरिंदों ने उन दोनों को निवस्त्र बस के बाहर फेक दिया ,मिली  सूचना के आधार पर दिल्ली  पुलिस  की P.C.R. VAIN  पहुचकर दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया ,तब यह दर्दनाक मामला मीडिया में आया और लोगों का गुस्सा सडको पर आ उतरा फिर या गुस्सा जंतर -मंतर से इण्डिया गेट होते हुए विजय चौक जा पंहुचा जो सरकार के असफल दमनकारी नीतियों का  शिकार हुआ और लोगो का गतिरोध लगातार २० दिनों से बना हुआ है लोग जंतर -मंतर पर  अब भी इक्कठा हैं |

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