दिल्ली पुलिस लाएगी सुबूत सच्चा या झूठा पता नहीं
हाल ही में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत के मामले में जिस तरह दिल्ली पुलिस ने आनन-फानन में दो बेक़सूर युवको को गिरफ्तार किया जिसके बाद उनकी पोल खुलने में समय न लगा उसे देखकर तो यही लगता है की वह अपनी कमजोरी छुपाने और झूटी सतर्कता दिखने के लिये तो किसी भी राह चलते इंसान को कोई भी इल्जाम लगाकर जेल में डाल सकती हैं, कांस्टेबल सुभाष तोमर के मौत के मामले में गिरफ्तार दो युवक कैलाश जोशी और अमित जोशी जो कि घटना के वक्त मेट्रो में थे और ये बात मेट्रो की सी.सी. टीवी फुटेज में ये बात सामने आ चुकी है |
दिल्ली पुलिस जो की हमारे देश के एक उदाहरण के रूप में होनी चाहिए, जब वो ही इस तरह की हरकतों में अपना समय नष्ट करेंगे तो और प्रदेशो की तो बात ही छोड़ दीजिए | क्या सुरक्षा की गुहार का परिणाम दिल्ली पुलिस इस तरह से देगी ? बात सिर्फ यहीं पर नहीं खत्म नहीं हो जाती की दिल्ली पुलिस गलत लोगो को पकड़ा, असल बात तो ये है की अगर दिल्ली पुलिस इसी तरह से अपनी तेजी उन केसों को सुलझाने में दिखाए जो की सालो से अदालतों में अटके हुए हैं तो नित्य नए कांडो की खबरों में काफी कमी आ सख्ती है, वहीँ प्रश्न इस बात का भी उठता है की अगर पुलिस ही इस तरह के कामो से जनता को परेशान करेगी तो बेचारी जनता कहा जायेगी |
दिल्ली हमारे देश की राजधानी है तो जाहिर सी बात है की ये आतंकवादियों के पहले निशाने पर हमेशा बनी रहती है ऐसे में अगर इस तरह की खबरे उनके कानो तक पहुचेंगी तो वो आसानी से अपनी योजना को अंजाम देने की कोशिश करेंगे , क्यूंकि यहाँ दिल्ली पुलिस को तो गलत-सलत लोगो पकड़ने से फुर्सत मिलने से रही तो वो देश के दुश्मनों को क्या ख़ाक पकड़ेंगे |
Labels: National


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