Friday, 18 January 2013

सरकार ने दी एक राहत और सौ आफत


आखिर घरेलू महिलाओं को जिस चीज़ का इंतज़ार था वो मिलना तय हो गया है सरकार ने साल में सब्सिडी सिलिंडर कि संख्या से बढ़ाकर 9 कर दी है अगले फाइनैंशल इयर 2013-2014 में अप्रैल से 31 मार्च तक लोग सब्सिडी वाले सिलिंडर ले सकेंगे, वहीँ दूसरी तरफ सरकार ने डीज़ल के दाम बढ़ाकर आम आदमी पर दूर से एक छुपा हुआ वार भी किया है सरकार ने ये तय क्या है कि ऑइल मार्केटिंग कंपनियां कुछ समय के लिए डीजल की कीमत खुद तय करेंगी और रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल कंपनियां डीजल के दाम 50 पैसेप्रति लीटर हर महीने बढ़ाएगी |
डीज़ल के दाम बढ़ने से अब खेतीमाल ढुलाईट्रांसपोर्ट और बिजली उत्‍पादन महंगा हो जाएगा। अनाजफल-सब्जियांयात्री भाड़ा और बिजली के दाम सीधे-सीधे बढ़ जाएंगे, सरकार प्रत्येक लीटर डीजल पर रुपये की सब्सिडी दे रही है, बताया जा रहा है कि ऑइल मार्केटिंग कंपनियां एक बार में सब्सिडी खत्म नहीं करेंगी मगर धीरे-धीरे डीज़ल कि कीमतों में नौ रूपए कि बढ़ोत्तरी हो जायेगी जिसकी मार झेलेगा आम आदमी क्यूंकि डीज़ल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टटेशन कॉस्ट बढ़ेगा और जो सीधा मेहेंगाई बढ़ाकर आम आदमी कि ही कमर तोड़ेगा |
हमारे अर्थशास्त्री प्रधानमन्त्री ने न जाने कौन सी गाड़ना करके ये फैसला लिया है जिसमे उन्होंने नौ सब्सिडी सिलिंडर कि लालीपॉप दिखाया और दूसरी तरफ डीज़ल पर से सब्सिडी हटाकर जनता को लोहे के चने चबाने को मजबूर कर दिया है 

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