ये सियासत क्या रंग लाएगी

प्रिय देशवासियों कांग्रेस की सरकार और राजनीति की मार तो आप झेल ही रहे हैं और तकरीबन 10 वर्ष पहले आप भारतीय जनता पार्टी को भी झेल चुके हैं, कहने का मतलब केवल इतना है कि सरकार कोई भी रही हो जनता बेचारी हमेशा रोई ही है कभी जादा तो कभी कम, हाल ही में टीवी पर एक सर्वे दिखाया जा रहा था कि कांग्रेस जादा अच्छी है या भारतीय जनता पार्टी, अब जनता तो जनता तरह-तरह के जवाब दिए गए पर एक जवाब हमारे दिल को भा गया, उनका जवाब ये था कि पार्टी तो दोनों ही खराब हैं पर सवाल ये होना चाहिए कि कौन सी कम खराब है। भाई वाह!
मुद्दा जरा आज कल काफी गरमाया हुआ है कि 2014 में प्रधानमन्त्री का ताज किसके सर सजेगा? जहाँ बीजेपी की गाड़ी अब "मोदी" के नाम से आगे ही नहीं बढ़ रही, वही कांग्रेस में हर तरफ "राहुल गाँधी" का बोलबाला है। आज ही "ज्योतिरादित्य" बयानबाजी करते हुए नजर आये कि 2014 में राहुल गाँधी प्रधानमन्त्री बनेंगे, अब क्या करे भविष्यवाणी करने से पहले कुछ भी नहीं सोचते आजकल के नेता, कोई बात नहीं इनकी उम्र जरा कम है और इस हिसाब से तजुरबा भी जरा कम है, इनको कोई तो जाकर समझाओ कि जिस सरकार ने आम आदमी के मुँह का निवाला छीन लिया हो, जिस सरकार ने आम आदमी के घर का चूल्हा तक बिकवा दिया हो, जिसने भारत माता को ऐसा लूटा है कि वो खुद ही अपनी लाज बचाने को दर-दर की ठोकरे खाती हो, भला उसके लिए वो ऐसी उम्मीद कैसे कर सकते हैं।
दूसरी तरफ बीजेपी का क्या कहना कभी देश के विकास की बात नहीं करती, कभी गुजरात के साथ अन्याय न बर्दास्त कर सकने की बात करती है, तो कभी उत्तरप्रदेश के विकास की बात करती है। देश के अभी इतने खंड कर दिए सोचिये जरा प्रधानमन्त्री का ताज मिल गया तो देश के इतने खंड करेगी कि गिनना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार कैसी-कैसी सियासत कर लेती है ये गजब बात है, पर हम अपने-अपने घर में बैठकर बड़े इत्मिनान के साथ इसका मजा लूटते हैं ये अजब बात है! याद रखियेगा किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले कि देश के जख्म कही नासूर न बन जाए और उन्हें भरने में कही सदियाँ न बीत जाए क्योंकि केवल सियासत से विकास नहीं होता।
By- Swati Gupta
Labels: National

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