Wednesday, 19 December 2012

नए साल में नए चेक


 
क्लीयरिंग प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बैंकों में एक जनवरी, 2013 से सीटीएस मानकों वाले चेक ही स्वीकार किए जाएंगे। जाहिर है पुराने चेक चलन से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपने बैंक से नई चेक बुक प्राप्त कर लें । इसके एवज में बैंक कोई शुल्क नहीं वसूल रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर चेक क्लीयर होने में एक-दो दिन से ज्यादा का समय नहीं लगेगा
देशभर में चेक क्लीयरिंग की नई व्यवस्था लागू होने के कारण बैंकों में एक जनवरी, 2013 से पुराने चेक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में जिन लोगों के पास पुरानी चेक बुक हैं वह अपनी बैंक शाखा में जाकर चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) 2010 मानकों वाली चेक बुक प्राप्त कर लें। भारतीय रिजर्व बैंक इस व्यवस्था को लागू करने के लिए काफी समय से प्रयास कर रहा है। सीटीएस व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाना है। अभी तक अधिकांश बैंकों में यदि कोई खाताधारक चेक जमा कराता है तो क्लीयिरिंग के लिए बैंक इस चेक को जारी करने वाले बैंक के क्लीयरिंग हाउस में भेजता था। इस प्रक्रिया को पूरी होने में कई बार एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग जाता था। क्लीयरिंग प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ही नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
क्या है सीटीएस व्यवस्था सीटीएस व्यवस्था के तहत चेक को भौतिक रूप में भेजने के बजाय स्कैन करके इसकी इमेज बनाकर संबंधित बैंक के क्लीयरिंग हाउस में भेजी जाएगी। इसके जरिए आपका चेक जमा करने की तिथि में ही क्लीयर हो सकता है। जिन लोगों के पास अभी नई चेक बुक नहीं है, उन्हें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल 31 दिसम्बर तक सभी बैंक पुराने चेकों को स्वीकार करेंगे। खाताधारकों को जागरूक करने के लिए तमाम बैंक विज्ञापन जारी कर रहे हैं। ग्राहकों को बताया जा रहा है कि वह अपनी शाखा में जाकर नए मानकों वाली चेक बुक प्राप्त कर लें। किसी भी असुविधा से बचने के लिए खाताधारकों को कुछ बुनियादी बातों पर गौर करना जरूरी है।
चेक बुक के मानकों को परखें कई बैंकों ने पहले से ही नए मानकों वाली चेक बुक जारी की व्यवस्था शुरू कर दी है। यदि आपने कुछ दिन पहले ही नई चेक बुक के लिए आवेदन किया है तो संभवत: बैंक ने आपके पास नई मानकों वाली चेक बुक ही भेजी होगी। यदि आपने एक-दो माह पहले ही चेक बुक मंगाई है तो किसी भी असुविधा से बचने के लिए इसके मानकों के बारी जानकारी जरूर हासिल कर लें। इसकी पड़ताल आप स्वयं कर सकते हैं। यदि आपके चेक में धनराशि दर्ज करने वाले बाक्स में बाई ओर रुपए का लोगो ‘Rs’ बना हुआ है तो यह चेक बुक सीटीएस मानकों वाली होनी चाहिए। यदि आपको कोई दुविधा है तो अपने बैंक की शाखा में जाकर असलियत पता कर सकते हैं।
नई चेक बुक मंगाएं यदि यह सुनिश्चित हो गया है कि आपके पास पुरानी चेकबुक है तो जल्द ही नई चेकबुक के लिए आवेदन कर दें। पुरानी चेकबुक बदलने के लिए बैंक दो तरह की प्रक्रिया अपना रहे हैं। पहले विकल्प के तहत बैंक अपने भी खाताधारकों को नई चेकबुक भेजकर पुराने सभी चेकों को नष्ट करने के लिए कह सकते हैं। दूसरे विकल्प के तहत बैंक पुराने चेकों को वापस लेकर नई चेक बुक जारी करें। बहरहाल जो भी हो नई चेक बुक प्राप्त करने में देरी न करें। खास बात यह है कि पुरानी चेक बुक के बदले नई चेक बुक जारी करने के एवज में बैंक कोई शुल्क नहीं वसूल रहे हैं।
चिंता की जरूरत नहीं जिन लोगों ने अभी हाल में अपने टेलीफोन या बिजली का बिल पुराने चेक के जरिए जमा किया है और वे क्लीयर नहीं हुआ तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंर्डड बोर्ड आफ इंडिया (बीसीएसबीआई) ने सीटीएस की व्यवस्था पूरी तरह से लागू करने के लिए 31 मार्च, 2013 तक का समय दिया है। जाहिर तौर पर जो चेक जमा हो चुके हैं, 31 मार्च तक उनकी क्लीयिरिंग में कोई अड़चन नहीं आएगी। जिन लोगों ने होम लोन या लंबी अवधि के किसी अन्य लोन के लिए चेक दे रखे हैं, ऐसे लोग संबंधित वित्तीय संस्थान में जाकर पुराने चेकों के एवज में नए चेक जमा कर सकते हैं। कुछ बैंक और वित्तीय संस्थानों ने इस बारे में अपने ग्राहकों को सूचनाएं भेजनी शुरू कर दी हैं। खासकर वित्तीय कंपनियों के प्रतिनिधि अपने ग्राहकों से संपर्क कर रहे हैं।
सावधानी बरतें यदि आपने अभी तक अपनी पुरानी चेक बुक जारी नहीं कराई है तो अब किसी को पुराना चेक जारी न करें। यदि आपने सीटीएस के मानकों वाला चेक जारी किया है तो उसमें कटिंग या ओवरराइटिंग कतई न करें। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को ऐसे चेक कतई स्वीकार न करने का निर्देश जारी किया है। क्लीयरिंग में अब चेक स्कैन करके भेजे जाएंगे इसलिए चेक भरते समय गहरे रंग की स्याही का इस्तेमाल करें। यदि किसी चेक में कटिंग या ओवरराइटिंग हो गई है तो उसे तत्काल नष्ट कर दें।

अजय शुक्ला
रफ़्तार लाइव  

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