मैं प्रधानमन्त्री बनना चाहती हूँ
देश में भ्रष्ट सरकार का ऐसा मकडजाल फैला है कि जनता त्रस्त है। जितनी दूर भी निगाहें चली जाएँ, पर राहत कहीं नहीं दिखाई देती। ये सब तो जैसे अब सपने जैसा ही लगने लगा है कि फिर से भारत खुशहाल बनेगा। हज़ारों लोगों की निगाहें न जाने कैसे कैसे भारत का सपना देखती होंगी। मैंने भी अपनी आँखों में एक सपना बनाया है, कि अगर मैं प्रधानमन्त्री बनी तो ....................
मैं अपना सपना साकार करूंगी,
फिर कोई न भूख से तडपेगा,नव भारत का निर्माण करूंगी ।।
फिर कभी न दंगा भड़केगा ।।
फिर कहीं न खून की धारा बहेगी,
न धरती माँ आतंकबाद का नारा सहेगी ।।
हर जन में मेरा राम होगा,
लब पर कृष्णा का नाम होगा ।।
हर किसी का चरित्र उत्तम होगा,
हर नर तब सर्वोत्तम होगा ।।
हर बालक महाभारत का सार पढ़ेगा,
वेदों का यहाँ ज्ञान बढेगा ।।
हर बालक एक महारथी बनेगा,
फिर कोई न कोई भागीरथी बनेगा ।।
फिर गंगा का उत्थान होगा,
स्वच्छ धारा का आहवाहन होगा ।।
जन जन का दिल दयावान होगा,
फिर से मेरा भारत महान होगा ।।
by- Swati Gupta
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