अफजल को फाँसी की सजा और नेता करते राजनीति का मजा
भारत सरकार जिस विषय पर राजनीति न कर डाले कम ही है। 26-11-2008 को ताज होटल मुंबई पर हमला करने वाला आतंकवादी मुहम्मद अजमल आमिर कसाब को आखिर आज 21-11-2012 को पूरे 4 साल बाद फांसी लग ही गई। इसके द्वारा किये गए हमले में 166 लोगो को अपनी जिन्दगी से दूर होना पड़ा था। क्या विडंबना है??? कि 166 लोगों के खून से नहाए इस आतंकवादी को फांसी पर लटकाने में 4 साल लग गए। उन लोगो को न्याय दिलवाने मै 4 साल लग गए जो अभी जीना चाहते थे। उन मासूम बच्चों को न्याय दिलवाने में 4 साल लग गए जिनने अपना बचपन और पकड़कर चलने वाली उँगलियों को खोया था। उन काँपती हुई हड्डियों को न्याय दिलवाने में 4 साल लग गए जिनने अपने बुढ़ापे का सहारा खोया था। उस बिलखती चिल्लाती मुंबई को न्याय दिलाने में 4 साल लग गए जो जो रोज, हर पल 26-11-2008 का हिसाब मांगती थी। जबकि कसाब को 6 मई 2010 को उच्च न्यायालय के द्वारा मृत्यु दंड की सजा सुना दी गई थी। आज पूरा देश कसाब की फांसी को एक उत्सव की तरह ही मना रहा है, पर यह उत्सव हम पहले ही मना सकते थे क्योंकि उच्च न्यायालय के द्वारा कसाब के मृत्यु दंड पर 21 फरबरी 2011 को ही मोहर लगा दी गई थी। सरकार द्वारा अगर शेष औपचारिकताएँ जल्द ही पूरी कर ली गई होती तो कसाब को फांसी न जाने कब हो गई होती। पर शायद सरकार इस ओर ध्यान न देकर इस ओर ज्यादा ध्यान दे रही थी कि जेल में कसाब को चिकन और मटन की कमी न हो जाए। सरकार जरा उनकी खातिरदारी में जादा व्यस्त हो गई थी, तभी आज हमें ये दिन देखने में जरा देर हो गई। खैर फांसी तो जैसे तैसे हो ही गई पर हमारे प्रिय नेताओं का क्या कहने इतनी देर सवेर कार्य होने के बावजूद वो अपनी प्रसंशा का डंका पीटते नहीं थकते। कसाब की फांसी पर कपिल सिब्बल बयानबाजी करते नजर आये कि "और लोग तो केवल बातें करते हैं हमारी सरकार ने कर के दिखा दिया। आखिर अफजल पर हमारी सरकार ने कड़ा रुख किया"
क्या बताये ऐसा लगा जैसे इस वाक्य में कुछ शुद्धिकरण की आवश्यकता है कि "लोग तो सिर्फ बात करते हैं हमारी सरकार ने आखिर अपना दम ख़म दिखा ही दिया कि कैसे हम एक आतंकवादी की फांसी को इतना लम्बा खींच सकते हैं "
मै जरा कपिल जी को याद दिलाना चाहती हूँ कि गृह मंत्रालय और भारत सरकार के माध्यम से ही कसाब की दया याचिका रास्ट्रपति के पास भिजवाई गई थी। अगला सवाल यह कि आपकी सरकार ने कसाब को तो फांसी लगवा दी पर भारत की सुरक्षा पर सेंध लगाने वाले अफजल गुरु को फांसी कब दिला रही है आपकी सरकार? जबकि इन्हें भी उच्चतम न्यायालय के द्वारा फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।
जय हिन्द
जय भारत
लेखक - स्वाति गुप्ता
Labels: National


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