Monday, 4 June 2012

आपस में नहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ है लड़ाई

अरविन्द केजरीवाल ने कहा है की वह किसी मतभेद की वजह से नहीं बल्कि तबियत ख़राब होने की वजह से अनशन स्थल छोड़ कर चले गए थे, बाद में बाबा रामदेव ने भी स्पष्ट किया की हमने तय किया था की हम किसी का नाम नहीं लेंगे, जो बात मैंने केजरीवाल को समझाई क्योकि नाम लेने से हमारा मुद्दा पिछड और विवाद शुरू हो जाने की भी आशंका रहती है, मगर ऐसा सब होने का यह मतलब बिल्कुल न लगाया जाये की हमारे बीच कुछ मतभेद है ।
बाबा राम देव ने कहा की वो इस मुद्दे पर समर्थन पाने के लिए सोनिया गाँधी समेत सभी नेताओं से मिलेंगे .  बाबा ने कार्यक्रम के दौरान सरकार के समक्ष ७ मांगे रखीं - विदेश में पड़ा कला धन वापस लाया जाये , भ्रष्टाचारियों को उम्रकैद या फंसी की सजा सुनाई जाये, काले धन को राष्ट्र संपत्ति घोषित किया जाये, भ्रष्टाचार के मुद्दों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनायीं जाये,सजा एक साल के भीतर सुनाई जाये , सरकारी काम समय पर हों तथा पांच सौ और एक हजार के नोट बंद किये जाये ।

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