Wednesday, 4 February 2015

प्यार एक अनछुआ एहसास

प्यार एक अनछुआ एहसास जिसे सिर्फ महसूस करा जा सकता है , वो एहसास जो हमारे सिने में दिल होने के बात की पुष्टि  करता है , वो एहसास जो इस बात की भी पुष्टि करता है की मै भी इंसान हूँ , प्यार एक दुआ की तरह है जो कबूल हो जाये तो वरदान और जो न कबूल हो तो ज़िन्दगी भर पिया जाने वाला ज़हर ।  इंतज़ार सिर्फ उसी का रहता है जिसपर हमारा हक़ होता है ऐसा नहीं होता की हमने उससे पहले कोई खूबसूरत चेहरा न देखा हो पर फिर भी दिल न जाने क्यों उस एक पर आकार रुक जाता है , क्यों सारी कमिया  एक दम से पूरी हो जाती है , क्यों तमन्नाओ की उड़ान अचानक और ज्यादा  बढ जाती है , क्यों दूर दूर रहकर भी हमेसा साथ रहते है , क्यों बिना बातो के भी होंठो पर मुस्कान आ जाती है , कहते है दुनिया में जिस किसी ने भी सच्चा प्यार किया वो मिल न सका मगर इस दुनिया से ऊपर भी एक दुनिया है जहाँ वो कभी जुदा ही नहीं हो सकते. प्रेम बहुत  ही छोटा शब्द है मगर उसका अर्थ उतना ही महान है
मगर आज के समय में लोगो ने प्यार की परिभाषा को बदल दिया है , प्यार उनके लिए एक खेल मात्र होकर रह गया है , उन्हें प्यार के महत्व को समझना चाहिए , सच्चा प्यार करने वाले को समझना चाहिए , प्यार करने वाले के जज्बात को समझना चाहिए , प्यार की  ताकत को समझने चाहिए , और धैर्य रखकर उन्हें सच्चा प्यार करने वाले का साथ निभाना चाहिए ।  जैसा की एक प्रसिद्ध गीत के माध्यम से कहा भी गया है की -
                                               " दिल को देखो चेहरा न देखो , चेहरे ने लाखो को लूटा ,
                                                                  दिल सच्चा और चेहरा झूटा "

 

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