इन्टरनेट : छोटी शुरुआत और बड़ा साधन ।
भारत वर्ष आई टी के छेत्र में भले ही बहुत तेजी से विकास कर रहा हो लेकिन इन्टरनेट जैसे सरल , सुगम एवं महान साधन की महिमा का विस्तार पूरी तरह यहाँ पर नहीं हो पाया है जहाँ विदेशो में अभिव्यक्ति की आजादी को इस साधन के माध्यम से पूरी तरह इस्तेमाल करा जा रहा है वही भारत में इस क्रम में इसका इस्तेमाल अति अल्प ही होता है ।
भारत में इन्टरनेट उसेर की संख्या २०% से भी कम है और इनमे वो भी शामिल है जो इसका इस्तेमाल ऑफिस , कॉर्पोरेट वर्ल्ड , बिज़नस आदि के लिए करते है अतः इस तरह से इन्टरनेट भारत वर्ष में एक पौधे के सामान है जिसका अगर सही दिशा में तथा सही ढंघ से पालन पोषण किया जाये तो वह एक ऐसे मज़बूत साधन के रूप में विकसित हो जायेगा जोकि भारत वर्ष की अभिव्यक्ति की आजादी को व्यक्त करने में पूरी तरह शशाक्त हो जायेगा ।
भारत में इन्टरनेट उसेर की संख्या २०% से भी कम है और इनमे वो भी शामिल है जो इसका इस्तेमाल ऑफिस , कॉर्पोरेट वर्ल्ड , बिज़नस आदि के लिए करते है अतः इस तरह से इन्टरनेट भारत वर्ष में एक पौधे के सामान है जिसका अगर सही दिशा में तथा सही ढंघ से पालन पोषण किया जाये तो वह एक ऐसे मज़बूत साधन के रूप में विकसित हो जायेगा जोकि भारत वर्ष की अभिव्यक्ति की आजादी को व्यक्त करने में पूरी तरह शशाक्त हो जायेगा ।
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